
गुजरात चुनाव: नरेश पटेल को कांग्रेस में शामिल करने की मुहिम फेल, राजनीति में आने से इनकार
AajTak
जिन नरेश पटेल के दम पर कांग्रेस पार्टी पाटीदार समुदाय को अपने पक्ष करने के सपने देख रही थी, कहा जा रहा है कि वे अब राजनीति में ही नहीं आने वाले हैं.
गुजरात चुनाव में कांग्रेस पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है. हार्दिक के पार्टी छोड़ने के बाद अब नरेश पटेल को लेकर भी बड़ी खबर सामने आई है. वे राजनीति में एंट्री नहीं लेने वाले हैं. वे खुद को किसी भी दल के साथ नहीं जोड़ने वाले हैं. गुरुवार को इसको लेकर उनकी तरफ से कोई बयान भी जारी किया जा सकता है. लंबे समय से कांग्रेस कोशिश कर रही थी कि नरेश पटेल को पार्टी में शामिल किया जाए, सोनिया गांधी से भी उनकी मुलाकात हो चुकी थी. लेकिन बताया जा रहा है कि उनका मूड बदला है और वे इस बार भी राजनीति में कदम नहीं रखने वाले हैं.
यहां ये जानना भी जरूरी हो जाता है कि नरेश पटेल ने अपने समाज के बीच भी एक सर्वे करवाया था. उस सर्वे में वे यही जानने का प्रयास कर रहे थे कि उन्हें राजनीति में कदम रखना चाहिए या नहीं? कहा जा रहा है कि सर्वे के नतीजों में साफ कर दिया गया कि नरेश पटेल को राजनीति से दूर रहना चाहिए और शायद इसलिए ही वे कुछ दिनों में इसको लेकर औपचारिक ऐलान भी कर सकते हैं. अगर वे ऐसा ऐलान कर देते हैं तो कांग्रेस के लिए चुनाव के बीच ये एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है.
नरेश पटेल सिर्फ बड़े पाटीदार नेता नहीं हैं, बल्कि सौराष्ट्र की 35 से ज्यादा सीटों पर उनकी भूमिका निर्णायक रहती है. अगर वे चुनाव के दौरान कांग्रेस के साथ चले जाते तो पार्टी को पाटीदार वोटों का बड़ा हिस्सा मिल सकता था. वैसे भी खुद नरेश लेउआ पटेल हैं जिनकी तादात गुजरात में अच्छी खासी है, ऐसे में उनका किसी भी पार्टी के साथ जुड़ना जमीन पर समीकरण को बदल सकता था. लेकिन 2007, 2012 और 2017 के बाद एक बार फिर उन्होंने लंबे समय तक राजनीतिक एंट्री को लेकर सस्पेंस बनाए रखा और फिर आने से मना कर दिया.
इस बार उनकी राजनीतिक एंट्री ज्यादा संभावित इसलिए मानी जा रही थी क्योंकि उन्होंने कई नेताओं से मुलाकात कर ली थी. वे खुद ऐसी हिंट दे रहे थे कि कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. कांग्रेस पार्टी भी उनकी तमाम शर्तें मानने को तैयार हो चुकी थी. ऐसे में कहा जा रहा था कि वे कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं. लेकिन वो राजनीतिक एंट्री संभावित ही रह गई और पाटीदारों को मनाने के लिए कांग्रेस को कोई दूसरा रास्ता खोजना पड़ेगा. वहीं गुरुवार तक ये भी साफ हो जाएगा कि किन कारणों की वजह से नरेश पटेल राजनीति में नहीं आ रहे हैं.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











