
गुजरात की धारी विधानसभा सीट: पाटीदार मतदाता निभाते हैं अहम भूमिका, जानिए यहां के सियासी समीकरण
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Gujarat Vidhan Sabha Chunav: धारी सीट पर बीजेपी का प्रभाव माना जाता है. मगर, 2012 और 2017 के चुनाव में बीजेपी को यह सीट गंवानी पड़ी थी. साल 2017 में कांग्रेस के उम्मीदवार ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. यहां अहम भूमिका पाटीदार मतदाता निभाते हैं.
गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में अमरेली जिले की धारी सीट का अहम मानी जाती है. धारी और बगसारा तालुका के अलावा इस विधानसभा सीट में खंभा तालुका के 27 गांव भी शामिल हैं. धारी से कांग्रेस विधायक जेवी काकड़िया ने राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.
इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे. इस सीट के खाली होने के बाद साल 2020 में उपचुनाव हुआ था. इसमें बीजेपी से प्रत्याशी जेवी काकड़िया ने कांग्रेस नेता सुरेश कोटडी को हराया था.
मतदाताओं का समीकरण
धारी विधानसभा सीट पर कुल दो लाख 11 हजार 917 मतदाता हैं. इन मतदाताओं में एक लाख 13 हजार 257 पुरुष और एक लाख 04 हजार 150 महिला मतदाता हैं. जाति के अनुसार, 79 हजार पटेल, 27 हजार कोली, 18 हजार दलित, 18 हजार अहीर, 12 हजार क्षत्रिय, 8 हजार अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता हैं.
इस सीट पर पाटीदार मतदाताओं का दबदबा अधिक है. पाटीदार के बाद कोली समुदाय के मतदाताओं की संख्या दूसरे नंबर पर हैं. अन्य मतदाताओं में दलित समुदाय, क्षत्रिय समुदाय और अल्पसंख्यक मतदाता शामिल हैं.
ऐसा है सियासी समीकरण यह सीट वैसे तो बीजेपी के वोट बैंक वाली सीट कही जाती है. मगर, 2012 और 2017 के चुनाव में बीजेपी को यह सीट गंवानी पड़ी थी. 2017 में कांग्रेस के उम्मीदवार जेवी काकड़िया ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी.

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