
गाजा में कल हुईं 350 मौतें, फिर भी तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव UNSC में खारिज, अमेरिका ने लगाया वीटो
AajTak
संयुक्त अरब अमीरात के उप राजदूत मोहम्मद अबूशाहब ने अमेरिका के इस कदम पर निराशा जताते हुए यूएनएससी से पूछा- अगर हम गाजा पर लगातार बमबारी रोकने के आह्वान के पीछे एकजुट नहीं हो सकते तो हम फिलिस्तीनियों को क्या संदेश दे रहे हैं? वास्तव में, हम दुनिया भर में उन नागरिकों को क्या संदेश दे रहे हैं जो खुद को कभी इन्हीं समान परिस्थितियों में पा सकते हैं?
इजरायल और फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के बीच गत दो महीने से जारी युद्ध में तत्काल मानवीय युद्धविराम का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खारिज हो गया है. दरअसल, अमेरिका ने शुक्रवार को यूएनएससी के इस प्रस्ताव के खिलाफ अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर दिया. अपने इस कदम के साथ वाशिंगटन राजनयिक रूप से अलग-थलग हो गया क्योंकि वह अपने सहयोगी की रक्षा कर रहा है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तेरह अन्य सदस्यों ने गाजा में तत्काल मानवीय युद्धविराम के लिए संयुक्त अरब अमीरात द्वारा पेश प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि ब्रिटेन अनुपस्थित रहा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बुधवार को 15 सदस्यीय परिषद को इस दो महीने लंबे युद्ध से होने वाले वैश्विक खतरे के बारे में औपचारिक रूप से चेतावनी दी थी और इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की थी. इसके बाद यूएनएससी में यह प्रस्ताव आया और मतदान हुआ.
यूएई ने अमेरिका के कदम पर जतायी निराशा
संयुक्त अरब अमीरात के उप राजदूत मोहम्मद अबूशाहब ने अमेरिका के इस कदम पर निराशा जताते हुए यूएनएससी से पूछा, 'अगर हम गाजा पर लगातार बमबारी रोकने के आह्वान के पीछे एकजुट नहीं हो सकते तो हम फिलिस्तीनियों को क्या संदेश दे रहे हैं? वास्तव में, हम दुनिया भर में उन नागरिकों को क्या संदेश दे रहे हैं जो खुद को कभी इन्हीं समान परिस्थितियों में पा सकते हैं?' संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल युद्धविराम का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे केवल हमास को फायदा होगा.
'हमास को शांति और द्वी-राष्ट्र समाधान में दिलचस्पी नहीं'
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत और उप स्थायी प्रतिनिधि रॉबर्ट ए वुड ने कहा कि ऐसा करना अगले युद्ध के लिए बीज बोने जैसा होगा. अमेरिका एक स्थायी शांति का दृढ़ता से समर्थन करता है जिसमें इजरायल और फलस्तीनी दोनों शांति और सुरक्षा में रह सकते हैं. हम तत्काल युद्धविराम के आह्वान का समर्थन नहीं करते क्योंकि हमास को शांति और द्वी-राष्ट्र समाधान में कोई दिलचस्पी नहीं है. अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अगर इजरायल ने आज एकतरफा हथियार डाल दिए, जैसा कि कुछ सदस्य देशों ने आह्वान किया है तो हमास ऐसे ही अपने मंसूबों को अंजाम देता रहेगा.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.








