
गाजा में इजरायल का संकल्प "करो या मरो", क्या अब होगा 'विश्वयुद्ध'?
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इजरायल और हमास की लड़ाई के बाद गाजा पट्टी में बुरे हालात हैं. फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा है कि हजारों लोग भोजन और जरूरत का अन्य सामान लेने के लिए गाजा सहायता गोदामों पर टूट पड़े. UN की एजेंसी ने रविवार को कहा कि, लोग हताश हो चुके हैं. यह दृश्य तीन हफ्ते से जारी युद्ध के कारण सार्वजनिक व्यवस्था के टूटने का एक प्रमाण है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











