
गर्मी में आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, घर में भी होता है प्रदूषण, ऐसे करें बचाव
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तेज गर्मी और लू आदि से खुद का बचाव करने के लिए कई लोग अपने घरों की दरवाजे और खिड़कियों आदि को बंद रखते हैं. क्या आप जानते हैं कि घर के अंदर भी प्रदूषण होता है, जो आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. आइए घर के अंदर बनने वाले प्रदूषण और उससे बचाव के उपाय के बारे में जानते हैं.
भारत के कई शहरों में तेज गर्मी और लू चल रही है. ऐसे में बहुत से लोग अपने घरों को लू आदि से बचाने के लिए दरवाजे और खिड़कियों आदि को बंद रखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर के अंदर प्रदूषण होता है, जिससे बचना चाहिए. इसको लेकर डायसन के डिजाइन इंजीनियर अक्षय कृष्णा ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
लू के साथ हवा की क्वालिटी खराब होती चली जाती है. हल्की हवा और बारिश बिल्कुल न होने के कारण हवा में प्रदूषण के कण साफ नहीं हो पाते हैं और जमीन में ऊपरी वातावरण में इकट्ठे होते रहते हैं. अत्याधिक तापमान की वजह से जंगल में आग फैलती है, जिससे AQI का स्तर और ज्यादा बढ़ जाता है.
डायसन ग्लोबल कनेक्टेड डेटा की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में आधे से ज्यादा साल के लिए पीएम 2.5 औसत वार्षिक स्तर पर दर्ज हुआ है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक ज्यादा है.
फॉर्मलाडेहाइड एक रंगहीन गैस है, जो एक रसायन है. यह घर के अलग-अलग सामानों से निकलती है. फर्नीचर और लकड़ी के उत्पादों में फॉर्मलाडेहाइड पर आधारित रेज़िन, जैसे प्लाइवुड और फाइबरबोर्ड, इंसुलेटिंग सामग्री, डू-इट-योरसेल्फ उत्पाद, जैसे पेंट, वॉलपेपर, वार्निश, और घरेलू सफाई के उत्पाद, इन सभी से फॉर्मलाडेहाइड गैस निकलती है.
लू के मौसम में इस विषैली गैस के निकलने की दर बहुत ज्यादा हो जाती है, जिसके कारण घर के अंदर इस गैस की मात्रा बढ़ जाती है. इसलिए घर के अंदर हवा के प्रदूषण को दूर करने के लिए प्रभावशाली उपाय किए जाने बहुत जरूरी हैं.
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