
खुल गई PAK की पोल, तालिबान का साथ देने अफगानिस्तान भेजे आतंकी, वापसी पर जोरदार स्वागत
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पाकिस्तान में पले-बढ़े जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी तालिबान का साथ देने के लिए गए थे, जिसके बाद अब सब पीओके वापस लौटे हैं.
अफगानिस्तान में कब्जा जमाने वाले तालिबान के पीछे पाकिस्तान के हाथ होने की बात सामने आती रही है. पाकिस्तान पर तालिबान के लड़ाकों को पर्दे के पीछे से साथ देने का आरोप लंबे समय से लगता रहा है. हालांकि, आधिकारिक रूप से पाकिस्तान ने इन आरोपों को कभी स्वीकार नहीं किया है, लेकिन अब जो तस्वीरें और वीडियोज सामने आए हैं, उससे उसकी पोल खुल गई है. दरअसल, पाकिस्तान में पले-बढ़े जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी तालिबान का साथ देने के लिए अफगानिस्तान गए थे, जिसके बाद अब सब पीओके वापस लौटे हैं.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

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