
खामेनेई इस्तीफा दें या उन्हें सत्ता से उखाड़ फेंके... अमेरिकी हमले के बाद ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस ने फिर भरी हुंकार
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ईरान के निर्वासित प्रिंस रेज़ा शाह पहलवी ने फिर से हुंकार भरी है. उन्होंने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों को इस्लामिक रिपब्लिक की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने सुप्रीम लीडर खामेनेई से जनता के हित में इस्तीफा देने की अपील की है.
ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान पर अमेरिकी हमलों के लिए निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा शाह पहलवी ने इस्लामिक रिपब्लिक की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने सुप्रीम लीडर खामेनेई के इस्तीफे की मांग की है और कहा कि शांति एकमात्र निश्चित रास्ता इस शासन का अंत है.
रेजा शाह पहलवी ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, 'ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले इस्लामिक रिपब्लिक की परमाणु हथियारों की विनाशकारी खोज का रिजल्ट है, जिसने ईरानी जनता के हितों को ताक पर रखा. अली खामेनेई और उनका ढहता हुआ आतंकवादी शासन राष्ट्र को असफल कर चुका है.'
'इस्तीफा दें खामेनेई'
उन्होंने खामेनेई से अपील की, 'अपने भूमिगत बंकर से जवाबी कार्रवाई पर विचार करने के बजाय, ईरानी जनता के हित में इस्तीफा दें, ताकि गौरवशाली ईरानी राष्ट्र इस्लामिक रिपब्लिक के विनाशकारी दौर को पीछे छोड़कर शांति, समृद्धि और महानता का नया अध्याय शुरू कर सके.'
रेजा शाह ने जोर देते हुए कहा कि देश में शांति बहाल करने का एकमात्र निश्चित तरीका ये है कि इस व्यवस्था (खामेनेई शासन) का अंत हो जाए.
दरअसल, 22 जून 2025 को अमेरिका ने बी-2 स्टील्थ बमवर्षकों के जरिए ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हमला किया. हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को बेहद सफल बताया और कहा कि हमारे सभी विमान सुरक्षित ईरानी एयरस्पेस से बाहर निकाल आए.

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