
क्रिप्टोकरेंसी से राशन खरीदते हैं इस गांव के लोग, जबकि देश की 70% आबादी का नहीं बैंक खाता
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भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हाल ही में लोगों की रुचि बढ़ी है. लेकिन अभी भी ये उनके लिए महज़ निवेश करने की एक वस्तु है. लेकिन दुनिया का एक गांव ऐसा भी है जहां लोग क्रिप्टोकरेंसी से राशन-सब्जी खरीदते हैं. अपने बिल भरते हैं. जानें यहां..
भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हाल ही में लोगों की रुचि बढ़ी है. लेकिन अभी भी ये उनके लिए महज़ निवेश करने की एक वस्तु है. लेकिन दुनिया का एक गांव ऐसा भी है जहां लोग क्रिप्टोकरेंसी से राशन-सब्जी खरीदते हैं. अपने बिल भरते हैं. (Photo : Reuters) एपी की खबर के मुताबिक इस हफ्ते मंगलवार को अल सल्वाडोर की संसद ने क्रिप्टोकरेंसी को वैधानिक मुद्रा का दर्जा दे दिया. देश के राष्ट्रपति नायिब बुलेक की इसमें अहम भूमिका रही. हालांकि अल सल्वाडोर में बिटकॉइन पहले से स्वीकार किया जाता रहा है, लेकिन इसे लेना या ना लेना वॉलियंटरी था. लेकिन अब संसद की मंजूरी के बाद यहां के सभी बिजनेस को इसे स्वीकार करना होगा. सिर्फ उन्हें छूट होगी जिनके पास इसकी टेक्नोलॉजी नहीं.(Photo : Reuters) अल सल्वाडोर की सरकार के इस फैसले के बाद सबकी निगाहें यहां के छोटे से गांव अल जोंटे की ओर मुड़ गई, जहां की अर्थव्यवस्था में क्रिप्टोकरेंसी पिछले साल से रच-बस गई है. (Photo : Getty)More Related News

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