
क्या WHO ने B.1.617 के लिए 'इंडियन वैरिएंट' शब्द यूज किया? स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया
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देश में इस वक्त कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. इसके पीछे कोरोना के नए स्ट्रेन B.1.617 को जिम्मेदार माना जा रहा है. आम भाषा में इसे इंडियन स्ट्रेन कहा जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को इस वैरिएंट को लेकर चिंता जाहिर की थी. इस पर अब डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि डब्ल्यूएचओ ने 'इंडियन वैरिएंट' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था.
देश में इस वक्त कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है. हर दिन औसतन साढ़े तीन लाख से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं. इसके पीछे कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन B.1.617 को जिम्मेदार माना जा रहा है. दुनियाभर में इसे 'इंडियन स्ट्रेन' कहा जा रहा है क्योंकि ये भारत में मिला है. मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से B.1.617 वैरिएंट को लेकर चिंता जाहिर की गई थी. जिसके बाद से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही थीं कि डब्ल्यूएचओ ने 'इंडियन स्ट्रेन' को खतरनाक बताया है. हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात को नकारा है. .@WHO ने अपने 32 पृष्ठ के दस्तावेज में चिंताजनक वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत बी.1.617 के साथ “भारतीय वैरिएंट” शब्द नहीं जोड़ा है। कुछ समाचार माध्यमों में आई इस तरह की ख़बरें पूरी तरह से निराधार हैं।@PMOIndia pic.twitter.com/JdKm09v3xh WHO does not identify viruses or variants with names of countries they are first reported from. We refer to them by their scientific names and request all to do the same for consistency. @PTI_News @PIB_India @ANI @timesofindia @htTweets @IndianExpress @the_hindu @MoHFW_INDIA
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