
क्या पुतिन किसी खास इरादे से अपनी मौत की अफवाहें फैलाते हैं, क्यों लगता है हमशक्ल के इस्तेमाल का आरोप?
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौत की अफवाहें उड़ती रहती हैं? रूस में फिलहाल अनाधिकारिक तौर पर इससे जुड़ी कानाफूसी चलती रहती है. यहां तक कि वहां राजनैतिक मामलों के जानकार वेलेरी सोलोवी कहते हैं कि पुतिन की मौत हो चुकी है और और फिलहाल पुतिन का बॉडी डबल काम कर रहा है. राष्ट्रपति के बॉडी डबल यानी डुप्लीकेट की बात पहले भी आ चुकी है.
बीते महीने के आखिरी सप्ताह में पुतिन की सेहत को लेकर फैली बात को क्रेमलिन ने खारिज कर दिया. वहां के रिप्रेजेंटेटिव दिमित्री पेसकोव ने पुतिन के सेहतमंद होने की बात कहते हुए साफ किया कि उनका कोई बॉडी डबल नहीं है, बल्कि वे खुद ही काम कर रहे हैं.
इसके बाद दो धड़े हो चुके एक तरफ वे लोग हैं, जो अब भी इसपर यकीन नहीं कर रहे. दूसरी तरफ वे लोग हैं, जो मानते हैं कि पुतिन बिल्कुल भले-चंगे हैं. तब क्या वजह है, जो रूस में बीच-बीच में इस तरह की अफवाह फैलती रहती है. रूस ही क्यों, कम्युनिस्ट देश नॉर्थ कोरिया से भी कई बार उसके सैन्य तानाशाह किम जोंग की मौत की झूठी खबरें फैल चुकी हैं. इस कंस्पिरेसी थ्योरी को कई देशों में बल मिलता रहा.
क्यों किया जाता है ऐसा
यूक्रेन के मिलिट्री इंटेलिजेंस का कहना है कि क्रेमलिन जान-बूझकर ऐसी न्यूज फैलाता रहता है ताकि लोगों में हो रही हलचल को समझा जा सके. कथित तौर पर इससे रूस के राष्ट्रपति को ये समझने में मदद मिलेगी कि आगे उन्हें शासन कैसे चलाना है, और किन लोगों से बचकर रहना है. - वो ये देखना चाहते हैं कि पुतिन के बारे में ऐसा कहने पर जनता में क्या रिएक्शन आता है. - कौन लोग हैं जो खुद को राष्ट्रपति पद का दावेदार मानने लगते हैं. - जैसे ही अफवाह फैलाई जाएगी, कई गुट भी खुलकर सामने आ जाएंगे, जो विरोधी हों. - मीडिया और बिजनेस करने वालों का रवैया भी क्रेमलिन देखना चाहता है.
AI ने भी हमशक्ल की बात कही थी

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