
क्या दूसरे राज्य में जॉब करने जाना गुनाह है? क्या है डोमिसाइल पॉलिसी जिसकी बंगाल V/s बिहार विवाद में हो रही चर्चा
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बंगाल के सिलिगुड़ी में बिहार के दो युवकों की मारपीट का मामला सामने आया है. दोनों युवक बंगाल में SSC की परीक्षा देने गए थे. बिहारी युवकों के साथ मारपीट के बाद अब बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग तेज हो गई है.
पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में बिहार के दो युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. बिहार के ये छात्र सिलिगुड़ी में SSC की परीक्षा देने गए थे. छात्रों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है. इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग इन बिहारी छात्रों को पीट रहे हैं, उनसे कान पकड़वा कर माफी मंगवा रहे हैं और उठक-बैठक लगवा रहे हैं. मामले में पुलिस ने रजत भट्टाचार्य और गिरिधारी रॉय नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों 'बांग्ला पक्खो' नाम के संगठन से जुड़े हैं.
रजत का दावा है कि बिहार और उत्तर प्रदेश से लोग नकली सर्टिफिकेट लेकर SSC परीक्षा देने आते हैं और बंगालियों की नौकरियां छीनते हैं. बांग्ला पक्खो के महासचिव गार्गा चटर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल में एक रैकेट काम कर रहा है, जो युवकों को फर्जी डोमेसाइल सर्टिफिकेट बनाकर देता है, जिससे बाहरी लोग राज्य में नौकरी कर सकें.
बहरहाल, इस पूरे मामले के सामने आने के बाद बिहार की 'डोमिसाइल नीति' की मांग फिर तेज हो गई है. बिहार में लंबे वक्त से ये बड़ा मुद्दा बना है. दावा है कि डोमिसाइल पॉलिसी नहीं होने के कारण बिहार के युवाओं को राज्य में नौकरी नहीं मिल पाती और उन्हें पलायन करना पड़ता है.
क्या है डोमिसाइल नीति का मामला?
दरअसल, कई राज्यों में डोमिसाइल नीति लागू है. इसके तहत, राज्य सरकार की कुछ नौकरियों में वहां के मूल निवासियों को तवज्जो दी जाती है. पहले बिहार में भी ये नीति थी, लेकिन इसे खत्म किया जा चुका है.

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