
क्या ट्रेनी IAS अफसर पूजा खेडकर ने दिव्यांगता का झूठा दावा किया? UPSC में सिलेक्शन को लेकर बवाल
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ट्रेनी IAS अधिकारी डॉ. पूजा खेडकर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को सौंपे गए हलफनामे में दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से बीमार होने का दावा किया था. हालांकि परीक्षा में सिलेक्शन के बाद पूजा को दिव्यांगता की पुष्टि के लिए मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ा. लेकिन पूजा ने 6 अलग-अलग मौकों पर इन मेडिकल जांच प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार कर दिया था.
पुणे की ट्रेनी IAS अधिकारी डॉ. पूजा खेडकर ट्रांसफर के बाद चर्चा में हैं. विवाद के बाद सिविल सर्विसेज एग्जाम में सिलेक्शन के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं. पता चला है कि उन्होंने (पूजा खेडकर) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को सौंपे गए हलफनामे में दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से बीमार होने का दावा किया था.
पूजा खेडकर ने इस दिव्यांगता सर्टिफिकेट का उपयोग UPSC में सिलेक्शन के लिए विशेष रियायतें हासिल करने के लिए किया था. इतना ही नहीं, परीक्षा में कम नंबर हासिल करने के बाद भी रियायतों की वजह से पूजा खेडकर ने परीक्षा पास कर ली. उन्होंने UPSC में 841 अखिल भारतीय रैंक (AIR) हासिल की थी.
पूजा कब-कब मेडिकल जांच में शामिल नहीं हुईं?
परीक्षा में सिलेक्शन के बाद पूजा को दिव्यांगता की पुष्टि के लिए मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ा. लेकिन पूजा खेडकर ने 6 अलग-अलग मौकों पर इन मेडिकल जांच प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार कर दिया. दिल्ली के AIIMS में उनकी पहली मेडिकल जांच 22 अप्रैल 2022 को थी, जिसे उन्होंने कोविड पॉजिटिव होने का दावा करते हुए छोड़ दिया. इसके बाद 26 और 27 मई को दिल्ली के AIIMS और सफदरजंग अस्पताल में होने वाली जांच को भी छोड़ दिया. वह लगातार इन जांचों से बचती रहीं और 1 जुलाई को एक और जांच में शामिल नहीं हुईं.
हालांकि वह 26 अगस्त 2022 को एक मेडिकल जांच के लिए सहमत हो गई थीं, लेकिन वह 2 सितंबर को एक जरूरी MRI के लिए नहीं आईं, इस MRI का मकसद पूजा की दृष्टि हानि (Visual Impairment) का आकलन करना था. इन मेडिकल जांच में शामिल होने के बजाय पूजा खेडकर ने एक बाहरी केंद्र से एक MRI की रिपोर्ट पेश की थी. जिसे UPSC ने अस्वीकार कर दिया.
UPSC ने दी थी पूजा के चयन को चुनौती

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