
कौन है वो भारतीय मूल की महिला, जो अमेरिका की खुफिया एजेंसी FBI में है स्पेशल एजेंट
AajTak
एफबीआई की स्पेशल एजेंट का नाम शोहिनी सिन्हा हैं. उन्हें आतंकवाद से जुड़े मामलों को सुलझाने में महारत हासिल हैं. इस समय वह देश के कई महत्वपूर्ण मामलों से सीधे तौर पर जुड़ी हैं. वह कई हाई प्रोफाइल मामले भी सुलझा रही हैं, जिस वजह से वह चर्चा में बनी हुई हैं.
अमेरिका की खुफिया एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की एक महिला एजेंट इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही हैं. खास बात ये है कि वह भारतीय मूल की ऐसी पहली अमेरिकी महिला हैं, जिन्हें एफबीआई में स्पेशल एजेंट पद पर नियुक्त किया गया है.
एफबीआई की इस स्पेशल एजेंट का नाम शोहिनी सिन्हा (Shohini Sinha) को इस साल अगस्त में स्पेशल एजेंट नियुक्त किया गया था. उन्हें आतंकवाद से जुड़े मामलों को सुलझाने में महारत हासिल हैं. इस समय वह देश के कई महत्वपूर्ण मामलों से सीधे तौर पर जुड़ी हैं. कई हाई प्रोफाइल मामले भी वह सुलझा रही हैं, जिस वजह से वह चर्चा में बनी हुई हैं.
वह इससे पहले उन्होंने वॉशिंगटन डीसी के एफबीआई हेडक्वार्टर में कार्यकारी विशेष सहायक के तौर पर काम कर चुकी हैं. उन्होंने कैनेडियन माउंटेड पुलिस और कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस के साथ आतंकवादी रोधी मामलों से जुड़े मामलों पर काम किया है.
कौन है शोहिनी?
शोहिनी 2001 में एफबीआई से जुड़ी थीं. उन्हें पहली बार मिल्वौकी फील्ड ऑफिस में नियुक्त किया था, जहां उन्हें आतंकवाद से जुड़े मामलों को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई थी. वह ग्वांतानामो बे नेवल बेस, लंदन में एफबीआई के ऑफिस और बगदाद ऑपरेशन सेंटर तक में काम कर चुकी हैं. उन्हें 2009 में सुपरवाइजर स्पेशल एजेंटर के तौर पर प्रमोट किया गया था. साल 2009 उनके करियर के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहा. उन्हें प्रमोट कर सुपरवाइजरी स्पेशल एजेंट बनाया गया और वॉशिंगटन डीसी में काउंटर टेररिज्म डिविजन में उनका ट्रांसफर किया गया. बाद में 2012 में उन्हें प्रमोट कर कनाडा के ओटावा भेजा गया. उन्होंने रॉयल कनैडियन माउंटेड पुलिस और कनैडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस के साथ मिलकर काम किया है.
शोहिनी को 2015 में डेट्रॉयट फील्ड ऑफिस में बतौर फील्ड सुपरवाइजर तैनात किया गया. इस दौरान वह कई बड़े अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद मामोलं की जांच कर रही थीं. वह एफबीआई में शामिल होने से पहले चिकित्सक रह चुकी हैं. उन्होंने एक क्लिनिक में प्रशासक के रूप में काम किया है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











