
कोविड-19 संक्रमण के 6,915 नए मामले सामने आए और 180 लोगों की मौत
The Wire
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,29,31,045 हो गई है और मृतक संख्या 5,14,023 है. विश्व में संक्रमण के 43.70 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 59.56 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटो में 180 और लोगों की मौत हो जाने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 5,14,023 हो गई.
अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 43,70,17,561 हो गए हैं और अब तक 59,56,652 लोगों की जान जा चुकी है.
देश में अभी 92,472 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.22 प्रतिशत है. पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 10,129 की कमी दर्ज की गई. मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.59 प्रतिशत हो गई है.
अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 0.77 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 1.11 प्रतिशत दर्ज की गई. देश में अब तक कुल 4,23,24,550 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.20 प्रतिशत है.

केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया है, जो ट्रांसजेंडर लोगों के आत्म-निर्धारित लैंगिक पहचान के अधिकार’ को ख़त्म करता है और ‘ट्रांसजेंडर व्यक्ति’ की परिभाषा को बदलता है. ट्रांसजेंडर समुदाय समेत विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा इस विधेयक का व्यापक विरोध किया जा रहा है.

वर्ष 2020 में बांदीपोरा के भाजपा नेता वसीम बारी, उनके पिता और भाई की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में गिरफ़्तार तीन लोगों को बरी करते हुए एनआईए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में बयान देने वाले दो पुलिस अधिकारियों के विरोधाभासी बयान अभियोजन की नैरेटिव का सीधा खंडन हैं. इन दो अधिकारियों ने 'गवाहों के बयानों में हेरफेर' से 'सीधे तौर पर' जांचकर्ताओं को फंसाया.

महाराष्ट्र में गिरफ़्तार किए गए रेप आरोपी स्वयंभू 'धर्मगुरु' मामले में विपक्ष ने उन नेताओं और मंत्रियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है, जिनका अशोक खरात से किसी भी प्रकार का संबंध है. विपक्ष का कहना है कि राजनीतिक नेताओं से साठ-गांठ के चलते संभावना है कि राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश करेगी.

योगी आदित्यनाथ की पहचान भारत के सबसे ज़्यादा आबादी वाले राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर इस वजह से विशेष रही कि उन्होंने एक अभियान चलाकर नफ़रती भाषण और नफ़रती अपराधों के सभी आरोपियों को बरी कर दिया- और इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ने ख़ुद से ही की. वे देश के सबसे ज़्यादा ध्रुवीकरण करने वाले, लेकिन साथ ही बेहद लोकप्रिय कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी नेताओं में से एक हैं.

महाराष्ट्र के एक स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात को पुलिस ने नासिक से गिरफ़्तार किया है. उन पर एक 35 वर्षीय महिला के साथ तीन साल तक बार-बार रेप करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप है. हाल ही में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा उनके पैर धोने का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उनका विरोध तेज़ हो गया था.

एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से उड़ानों में कम से कम 60% सीटों के चयन के लिए कोई शुल्क न लेने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है. समूह का कहना है कि इस कदम से एयलाइंस को हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.



