
कोलकाता मेट्रो स्टेशन पर खुलेआम किस करता दिखा कपल, वीडियो हुआ वायरल
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कोलकाता मेट्रो का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इसमें एक कपल पब्लिकली किस करते दिखाई दे रहे हैं. तभी किसी ने वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया.
कोलकाता के कालीघाट मेट्रो स्टेशन में एक कपल के किसिंग वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. इस वायरल वीडियो में कपल को एक-दूसरे को किस करते हुए देखा जा सकता है. किसी शख्स ने इनका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.
वीडियो में कालीघाट मेट्रो स्टेशन का नाम साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन घटना की तारीख और समय का पता नहीं चल पाया है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और ट्रोल्स की बाढ़ आ गई है. जहां कुछ लोग इस घटना को सामान्य मान रहे हैं, वहीं कई लोग इसे सार्वजनिक रूप से अनुचित ठहरा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर बंटे मत इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोग दो धड़ों में बंट गए हैं. कुछ लोगों का कहना है, 'अगर सार्वजनिक स्थानों पर टॉयलेट करना, रिश्वतखोरी या धूम्रपान करना गलत नहीं माना जाता, तो किसिंग को लेकर आपत्ति क्यों?'. वहीं, कुछ ने यह भी तर्क दिया है कि अगर गाली-गलौज, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार या सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय व्यवहार पर रोक नहीं लगाई जाती, तो किसी को अपने प्रियजन को प्यार जताना अपराध नहीं हो सकता.
मेट्रो यात्रियों और विशेषज्ञों की राय मेट्रो में रोजाना सफर करने वाले यात्री अतनु उपाध्याय ने इंडिया टुडे से कहा कि यह उनकी मानवाधिकारों के अंतर्गत आता है. बल्कि, जिसने उनका वीडियो बिना अनुमति के बनाया और सोशल मीडिया पर डाला है, वही अपराध कर रहा है. किसी की निजी जिंदगी को इस तरह रिकॉर्ड करना और सार्वजनिक करना गलत है.
वहीं एक वरिष्ठ नागरिक यात्री तनमय सरकार ने इसे कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अपने प्रियजन को किस करना एक निजी पल होता है. इसे सार्वजनिक स्थान पर साझा करना उचित नहीं है.
इस घटना के कानूनी पहलू पर नजर पश्चिम बंगाल सरकार के विशेष लोक अभियोजक बिवास चटर्जी ने इंडिया टुडे को बताया कि भारतीय कानून के अनुसार, अगर कोई चीज अश्लील है तो वह अपराध है. लेकिन अश्लीलता की परिभाषा समय के साथ बदलती रही है. पहले हिक्लिन टेस्ट पर आधारित सख्त नियम लागू थे, लेकिन अमेरिका के मशहूर 'मिलर बनाम कैलिफोर्निया राज्य' मामले के फैसले के बाद, भारतीय कानून में यह परिभाषा आधुनिक समय के अनुसार लचीली हो गई है. अगर समाज इसे स्वीकार करता है, तो इसे अश्लील नहीं माना जा सकता.

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