
कोलकाता कांड में कहां तक पहुंची CBI की जांच, क्या हुए नए और चौंकाने वाले खुलासे, 10 पॉइंट्स में समझें
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केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेप और मर्डर केस की जांच पर अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है. सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मौका ए वारदात से छेड़छाड़ हुई है. सीबीआई ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को लेकर भी बड़े दावे किए हैं.
कोलकाता कांड के 14 दिन हो गए हैं. बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए साथी डॉक्टर हड़ताल पर हैं. इस बीच, केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है. इस रिपोर्ट में कई नए और बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि उसकी जांच कहां तक पहुंची है और इस पूरे घटनाक्रम में किस पर संदेह गहरा रहा है. किसने पूरे घटनाक्रम में लापरवाही बरती है और कौन-कौन जांच के दायरे में रखा गया है. सीबीआई ने शुरुआती स्टेटस रिपोर्ट में अस्पताल प्रशासन को सीधे कठघरे में खड़ा किया है. पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सीबीआई ने यह भी दावा किया है कि घटनास्थल से छेड़छाड़ हुई है.
ये पूरी घटना 9 अगस्त को सामने आई थी. 31 साल की ट्रेनी महिला डॉक्टर का शव आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित सेमिनार हॉल में मिला था. उसके शरीर से कपड़े गायब थे. खून बह रहा था. शरीर में चोटों के निशान थे. घटना के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स में नाराजगी बढ़ गई और हड़ताल पर चले गए. पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. 5 दिन बाद हाईकोर्ट ने मामले को पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया. दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले को स्वत: संज्ञान लिया और सीबीआई से अब तक की जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया. जानिए CBI की जांच कहां तक पहुंची और क्या खुलासे हुए हैं?
1. गैंगरेप नहीं, रेप हुआ था?
सीबीआई मामले की तह तक जाने के लिए लगातार जुटी हुई है. महिला डॉक्टर से रेप और मर्डर केस में आजतक ने बड़ा खुलासा किया है. सीबीआई को अब तक इस मामले में जो सुराग और सबूत मिले हैं, उससे गैंग रेप की पुष्टि नहीं हो रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट और सीसीटीवी के सबूतों के मुताबिक अब तक सिर्फ आरोपी संजय रॉय की संलिप्तता की पुष्टि हुई है. सीबीआई अब वारदात में किसी अन्य के शामिल होने का पता लगाने के लिए किसी निजी एक्सपर्ट से फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच कराने की तैयारी में है.
2. क्या वारदात में सिर्फ संजय रॉय अकेले शामिल था?
सबसे अहम सवाल यह है कि क्या इस वारदात में गिरफ्तार आरोपी संजय रॉय अकेले शामिल था या फिर उसके साथ कई अन्य आरोपी भी हैं. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई जांच में फोरेंसिक रिपोर्ट के हवाले से जो तथ्य सामने आए हैं, उससे संकेत मिल रहा है कि संजय रॉय ने ही रेप और हत्या की वारदात को अंजाम दिया है. सीसीटीवी फुटेज की CBI जांच में भी इस बात की पुष्टि हो रही है. जांच टीम ने ऑटोप्सी रिपोर्ट की स्टडी भी की है, जिसके आधार पर ये गैंगरेप का नहीं, बल्कि रेप और मर्डर का मामला लग रहा है. लेकिन सीबीआई पूरे तथ्य को वेरिफाई कर ही निष्कर्ष पर पहुंचना चाहती है. लिहाजा जांच जारी है. हालांकि, सीबीआई ने अभी तक और लोगों की संलिप्तता और गैंगरेप की थ्योरी पर अपनी जांच पूरी नहीं की है.

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