
कोरोना की तीसरी लहर: बच्चों के लिए स्पेशल गाइडलाइन लेकर आ रही है सरकार, जल्द हो सकती है जारी
Zee News
कोरोना संक्रमण के बीच हर किसी को तीसरी लहर के आने का डर सता रही है. ऐसे में सरकार बच्चों के लिए स्पेशल गाइडलाइन जारी करने जा रही है.
नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर कहर परपाया है. ऐसे में हर किसी को तीसरी लहर की चिंता सता रही है जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों के चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है. देश में फिलहाल 18 साल से अधिक की उम्र के लोगों को टीका लगाया जा रहा है. बच्चों के लिए फिलहाल कोई टीका बाजार में नहीं आया है. ऐसे में उनका सुरक्षा की चिंता सरकार को भी सता रही है. ऐसे में खबर आई है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार उनके लिए स्पेशल गाइड लाइन बना रही है. कोरोना के एक्सपर्ट्स ग्रुप ने सरकार ने ऐसा करने की सिफारिश की है. संभावना है कि बच्चों में कोविड के खतरे को देखते हुए और आगे वायरस किस तरह अपना रूप बदल सकता है और इसका क्या असर हो सकता है. इसे देखते हुए एक-दो दिन में गाइडलाइन जारी की जाएगी.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








