
कोरोना: इलाज के लिए 35 लाख का लिया लोन, पिता की मौत के बाद अब EMI में जा रही सैलरी
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राजन भलाणी के पिता जयेश भलाणी की मौत कोरोना की वजह से हुई थी. 40 दिन गांधीनगर के दो अलग-अलग अस्पताल में रहने के बाद वो कोरोना के सामने जंग हार गए थे. इलाज के बाद अस्पताल ने जो बिल दिया उसे देख खुद राजन के पैरो तले ज़मीन खिसक गयी.
कोरोना संकट में अस्पतालों के महंगे बिल ने मरीजों के परिजनों को इस कदर परेशान किया है कि पहले जहां वो अपनों के लिए अस्पताल के चक्कर काटते थे. वहीं, अब अस्पताल के बिल को लेकर बैंक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. गांधीनगर के रहने वाले राजन भलाणी की आंखें आज भी नम हो जाती है, जब वो अपने पिता को याद कर उनकी तस्वीर को देखते हैं. दरअसल राजन भलाणी के पिता जयेश भलाणी की मौत कोरोना की वजह से हुई थी. 40 दिन गांधीनगर के दो अलग-अलग अस्पताल में रहने के बाद वो कोरोना से जंग हार गए. इलाज के बाद अस्पताल ने जो बिल दिया उसे देख खुद राजन के पैरो तले ज़मीन खिसक गयी.
मेघालय के शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकों का फुटसल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सक्रिय जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों को संसद में उठाने वाले सिंगकों के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक है.

भारत में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में दो टेक टायकून ने भले ही मंच पर दूसरे से हाथ न मिलाया हो, लेकिन इस वायरल दृश्य के बावजूद मानवता के भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के योगदान को लेकर दोनों ही लीडर लगभग एक ही दिशा में सोचते हैं. दोनों का की कहना है कि कुछ ही सालों में मशीन इंसानों से ज्यादा काबिलियत हासिल कर लेंगे.

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