
कॉलेजियम बनाम केंद्र: सिफ़ारिश किए गए 21 जजों में से क़ानून मंत्रालय ने 2 की नियुक्ति मंज़ूर कीं
The Wire
एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम द्वारा की गईं 21 लंबित सिफ़ारिशों में से 19 को वापस भेज दिया है. वहीं, केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ट्वीट के माध्यम से उन दो नामों का खुलासा किया है जिनकी जजों के तौर पर नियुक्ति को सरकार ने मंज़ूरी दी है.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और केंद्र सरकार के बीच पनपे गतिरोध के बीच इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि सरकार ने हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम द्वारा की गई 21 लंबित सिफारिशों में से 19 को वापस भेज दिया है. As per the provisions under the Constitution of India, the following Advocates are appointed as Additional Judges of Bombay High Court. My best wishes to them. pic.twitter.com/swkr05Duod
एक दिन पहले ही पीटीआई ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम से हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित 20 फाइलों पर पुनर्विचार करने को कहा है, जिनमें अधिवक्ता सौरभ किरपाल की नियुक्ति भी शामिल है जो अपने समलैंगिक होने की पहचान खुलकर जाहिर कर चुके हैं. — Kiren Rijiju (@KirenRijiju) November 29, 2022
इंडियन एक्सप्रेस को कथित तौर पर पता चला है कि 28 नवंबर को न्यायिक नियुक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से कुछ घंटे पहले केंद्र सरकार ने सिफारिशें वापस भेज दी थीं.
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कॉलेजियम प्रणाली की लगातार आलोचना के बीच उस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सरकार शायद इसलिए कुछ नियुक्तियों को रोक रही है क्योंकि वह इस बात से ‘नाखुश’ है कि शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग को रद्द कर दिया.

योगी आदित्यनाथ की पहचान भारत के सबसे ज़्यादा आबादी वाले राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर इस वजह से विशेष रही कि उन्होंने एक अभियान चलाकर नफ़रती भाषण और नफ़रती अपराधों के सभी आरोपियों को बरी कर दिया- और इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ने ख़ुद से ही की. वे देश के सबसे ज़्यादा ध्रुवीकरण करने वाले, लेकिन साथ ही बेहद लोकप्रिय कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी नेताओं में से एक हैं.

महाराष्ट्र के एक स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात को पुलिस ने नासिक से गिरफ़्तार किया है. उन पर एक 35 वर्षीय महिला के साथ तीन साल तक बार-बार रेप करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप है. हाल ही में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा उनके पैर धोने का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उनका विरोध तेज़ हो गया था.

एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से उड़ानों में कम से कम 60% सीटों के चयन के लिए कोई शुल्क न लेने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है. समूह का कहना है कि इस कदम से एयलाइंस को हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.



