
कैसे बेचें सस्ती शराब? कंपनियों की सरकार से गुहार, दाम बढ़ा दो या Tax कम कर दो, संकट में इंडस्ट्रीज
AajTak
इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने शराब पर लगने वाले टैक्स को कम करने की अपील की है. एसोसिएशन का कहना है कि भारी टैक्स की वजह से मार्जिन कम हो रहा है, जिससे उद्योग को ऑपरेट करने में मुश्किलें आ रही हैं.
इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) ने शराब पर लगने वाले टैक्स में कौटती की मांग की है. ISWAI का कहना है कि भारी टैक्स चलते लीकर इंडस्ट्रीज को भारी नुकसान झेलना पड़ा रहा है, जिसकी वजह से देश में 15 लाख लोगों के रोजगार पर संकट के बाद मंडराने लगे हैं. भारी टैक्स देश में शराब उद्योग के भविष्य को खतरे में डाल रहा है. देश में प्रीमियम अल्कोबेव उद्योग (Alcobev Industry) के शीर्ष निकाय ISWAI ने कहा कि उत्पाद की कीमतों में टैक्स का हिस्सा 67 से 80 प्रतिशत है. इससे व्यापार को बनाए रखने और उसे ऑपरेट करने में बहुत कम बचत होती है.
संकट में एल्कोबेव इंडस्ट्री
ISWAI की सीईओ नीता कपूर ने कहा कि अधिक महंगाई दर और हाई टैक्स रेट के कारण भारत में एल्कोबेव इंडस्ट्री गहरे संकट में है. इस सेक्टर को संकट से निकालने के लिए टैक्स में कटौती करनी होगी या फिर प्रोडक्ट की कीमतों में इजाफा करना होगा. कपूर ने कहा कि अन्य उद्योगों के विपरीत, शराब उद्योग को अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों को तय करने की आजादी नहीं है.
राज्य सरकारों की कमाई
कपूर ने कहा- 'शराब व्यापार से राज्य सरकारों के राजस्व में 25 से 40 फीसदी तक का योगदान होता है. इसके बावजूद सरकार ने इस पर उच्च दरों पर टैक्स लगाने का विकल्प चुना है. उन्होंने कहा कि दरों को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए.' ISWAI के अनुसार, भारतीय अल्कोबेव इंडस्ट्री 55 बिलियन अमरीकी डालर के अनुमानित बाजार आकार के साथ 1.5 मिलियन लोगों को रोजगार देती है.
कपूर ने कहा कि ऐसे समय में जब शीरे और अनाज जैसे कच्चे माल की उपलब्धता के कारण भारत को उत्पादन में तुलनात्मक लाभ है. देश को अपनी नीतियों में सुधार करने की आवश्यकता है जो कि निर्यात के लिए अधिक उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी.

पंजाब के कुछ गांवों में घरों की छत पर दिखने वाली ये अजीबोगरीब चीजें सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि एक पूरी कहानी कहती हैं.विदेशी सपनों, मेहनत और पहचान की कहानी. NRI कल्चर इतना गहरा है कि लोग अपने घरों की छत पर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लेकर एफिल टॉवर, हवाई जहाज और टैंक तक बनवा रहे हैं. पढ़िये ऐसी ही एक कहानी.












