
कैसे डिलीट हुए वोट, किसने भरा फॉर्म, CID ने क्या मांगा... 6 पॉइंट्स में समझें राहुल गांधी ने आज क्या-क्या बोला
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोट डिलीट और फर्जी वोट जोड़ने का खेल सॉफ्टवेयर के जरिए सेंट्रलाइज्ड तरीके से किया जा रहा है. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने सीआईडी की मांगों को नजरअंदाज किया.
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार खासतौर पर उनके निशाने पर रहे. राहुल गांधी ने कर्नाटक और महाराष्ट्र का उदाहरण देकर समझाया और दावा किया कि देशभर में वोट डिलीट और फर्जी वोट ऐड करने का खेल सेंट्रलाइज्ड तरीके से, बड़े पैमाने पर और सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है. इस दौरान उन्होंने कई सबूत और वोटर्स को गवाह के रूप में पेश किया.
कैसे डिलीट हो रहे वोट?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, 'हम क्यों कह रहे हैं कि यह काम सेंट्रलाइज्ड तरीके से हो रहा है. यह किसी व्यक्ति के जरिए नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है. सीरियल नंबरों को देखिए... एक सॉफ्टवेयर बूथ पर पहला नाम उठाकर उसका इस्तेमाल वोट डिलीट करने के लिए कर रहा है. किसी ने एक ऑटोमेटेड प्रोग्राम चलाया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बूथ पर पहला मतदाता ही आवेदक दिखे. उसी व्यक्ति ने राज्य से बाहर के मोबाइल फोन लिए और उनका इस्तेमाल करके आवेदन दाखिल किया. हमें पूरा यकीन है कि यह काम सेंट्रलाइज्ड तरीके से और बड़े पैमाने पर किया गया है. यह किसी कार्यकर्ता स्तर पर नहीं किया गया, बल्कि पूरे सिस्टम के स्तर पर किया गया है.'
असली आवेदक कौन थे?
राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों के नाम पर आवेदन दाखिल किए गए, उन्होंने कभी ऐसा कोई आवेदन किया ही नहीं. उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक के आलंद में 6,018 वोट डिलीट किए गए, लेकिन असली मतदाताओं को इसकी जानकारी तक नहीं थी.
'CID ने मांगी जानकारी लेकिन आयोग चुप'

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