
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से M. Phil हैं राहुल गांधी, रहने के लिए नहीं है अपना मकान, पिछले साल हुई इतनी कमाई
AajTak
कांग्रेस नेता राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने शुक्रवार को इस सीट से अपना नामांकन भर दिया. चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने पास 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति के बारे में जानकारी दी है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से अपना नामांकन कर दिया है. इस दौरान चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने पास 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल-अचल संपत्ति के बारे में जानकारी दी है, जिसमें 4.2 लाख रुपये का सोना भी शामिल है. साथ ही उन्होंने बताया कि करोड़ों के मालिक होने के बाद भी उनके पास न तो कार और न ही अपना घर है.
चुनाव आयोग को दी जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने 9 करोड़ 24 लाख 59 हजार 264 रुपये की चल संपत्ति की घोषणा की है. जिसमें 4 करोड़ 33 लाख 60 हजार 519 रुपये के शेयर और 3 करोड़ 81 लाख 33 हजार 572 रुपये के म्यूचुअल फंड, 26 लाख 25 हजार 157 रुपये बैंक बैलेंस और 15 लाख 21 हजार 740 रुपये के गोल्ड बॉन्ड शामिल हैं.
इसके अलावा कांग्रेस नेता ने अपने पास 11 करोड़ 15 लाख 2 हजार 598 रुपये की मौजूदा बाजार की कीमत की अचल संपत्ति होने की भी जानकारी दी है. जिसमें से 9 करोड़ 4 लाख 89 हजार रुपये की संपत्ति उन्होंने खुद खरीदी है, जबकि 2 करोड़ 10 लाख 13 हजार 598 रुपये की विरासत में मिली संपत्ति भी शामिल है.
राहुल गांधी के पास नहीं है अपना घर
कांग्रेस नेता ने अपने पास 55 हजार रुपये नकद होने की जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास 333.3 ग्राम सोना और 4.2 करोड़ रुपये की ज्वेलरी भी है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास कोई कार या अन्य तरह का वाहन और कोई घर नहीं है, लेकिन उन पर 49 लाख 79 हजार 184 रुपये का कर्ज (देनदारी) है.
उनके पास अचल संपत्ति के रूप में दिल्ली के महरौली स्थित गांव सुल्तानपुर में लगभग 3.778 एकड़ की कृषि भूमि है जो उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा का भी हिस्सा है. इसके अलावा गुरुग्राम में सिग्नेचर टावर्स में 5,838 वर्ग फीट के वाणिज्यिक अपार्टमेंट (कार्यालय स्थान) है. जिसकी मौजूदा कीमत लगभग 9.05 करोड़ रुपये है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








