
कुछ छिपा रहा है Google? इंसान की तरह सोचने वाले 'मशीन' का खुलासा करने वाले इंजीनियर की नौकरी पर खतरा
AajTak
एक मूवी आई थी 2001: A Space Odyssey. इसमें HAL 9000 AI कंप्यूटर ने इंसानों से इनपुट लेना इसलिए बंद कर दिया था क्योंकि इसे डर था इसे स्विच ऑफ किया जा सकता है. कुछ इस तरह की ही मशीन बनाने का आरोप गूगल पर लगा है.
क्या Google हमसे कुछ छिपा रहा है? ये सवाल हम नहीं पूछ रहे हैं. इसको लेकर इंटरनेट पर यूजर्स चर्चा कर रहे हैं. हाल ही में Google के एक इंजीनियर ने दावा किया कि कंपनी का AI चैटबॉट इंसान की तरह सोच सकता है और रिस्पांड कर सकता है. जिसके बाद कंपनी ने उस इंजीनियर को पेड लीव पर भेज दिया है.
क्या है पूरा मामला?
Google के एक AI इंजीनियर Blake Lemoine ने अपने और Google के AI LaMDA चैटबॉट डेवलपमेंट सिस्टम के ट्रांसक्रिप्ट को पब्लिश कर दिया था. जिसके बाद उन्हें पिछले हफ्ते पेड लीव पर भेज दिया गया था. उन्होंने सिस्टम को लेकर कहा कि ये संवेदनशील है और ये अपने विचार को व्यक्त कर सकता है.
इसकी फीलिंग्स एक इंसान के बच्चे जैसी है. Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, LaMDA से हुई बातचीत को उन्होंने गूगल के अधिकारियों के साथ भी शेयर किया है. उन्होंने इसे Is LaMDA Sentient? गूगल डॉक फाइल नेम से शेयर किया है.
AI इंजीनियर ने चैटबॉट से पूछा कि वो किस बात से डरता है. इस पर चैटबॉट का रिप्लाई काफी चौंकाने वाला था. चैटबॉट ने कहा उसे जब टर्न ऑफ किया जाता है तो वो उसके लिए मौत के समान होता है. इसको लेकर उसने पहले नहीं बोला है लेकिन, इसको लेकर वो काफी डरता है.
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NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












