
'किसी ने गंवाया हाथ, किसी ने पैर... मची थी चीख पुकार', चश्मदीद ने बताया पाकिस्तान ब्लास्ट के बाद का मंजर
AajTak
Quetta Railway Station Blast: सीसीटीवी फुटेज में विस्फोट के बाद जहां कुछ लोग छिपने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है, वहीं अन्य को खंभों के पीछे छिपने या घायलों की मदद करने की कोशिश करते देखा जा सकता है. विस्फोट के बाद रेलवे स्टेशन के दृश्य खून से सने फर्श, धूल और राख से ढके लोगों के सामान और स्टेशन का मलबा दिखाई दे रहा है.
दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान के व्यस्त क्वेटा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक बड़ा बम विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 27 लोग मारे गए और 60 से अधिक लोग घायल हो गए. विस्फोट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें क्वेटा के मुख्य रेलवे स्टेशन पर लोग अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं और अपना सामान सहेज रहे हैं, तभी एक बड़ा विस्फोट होता है और पूरा स्टेशन आग, धुएं और धूल से ढक जाता है.
सीसीटीवी फुटेज में विस्फोट के बाद जहां कुछ लोग छिपने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है, वहीं अन्य को खंभों के पीछे छिपने या घायलों की मदद करने की कोशिश करते देखा जा सकता है. विस्फोट के बाद रेलवे स्टेशन के दृश्य खून से सने फर्श, धूल और राख से ढके लोगों के सामान और स्टेशन का मलबा दिखाई दे रहा है. एक चश्मदीद ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में विस्फोट के बाद के हालात बयां करते हुए कहा, 'धमाके के बाद लोग इधर उधर भाग रहे थे. किसी के हाथ नहीं थे, किसी के पांव नहीं थे. कोई बुरी तरह जख्मी था.'
इस हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है. बलूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने कहा, 'हम क्वेटा रेलवे स्टेशन पर हुए विस्फोट की जिम्मेदारी लेते हैं. आज सुबह, क्वेटा रेलवे स्टेशन पर पाकिस्तानी सेना की एक यूनिट को निशाना बनाकर तब फिदायीन हमला (सुसाइड अटैक) किया गया, जब जवान इन्फैंट्री स्कूल में कोर्स पूरा करने के बाद जाफर एक्सप्रेस से लौट रहे थे. इस हमले को बीएलए की फिदायी यूनिट माजिद ब्रिगेड ने अंजाम दिया. आगे की जानकारी जल्द ही मीडिया को जारी की जाएगी.'
बता दें कि पाकिस्तान बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववाद और देश के उत्तर-पश्चिम में इस्लामी आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है. अलगाववाद के दशकों पुराने विद्रोह ने बलूचिस्तान को अस्थिर कर दिया है. पाकिस्तान का यह प्रांत खनिज संसाधनों से भरपूर है, लेकिन विद्रोह की आग ने इनके दोहन के लिए वहां पहुंचने की कोशिश करने वाली परियोजनाओं के लिए सुरक्षा चिंताएं पैदा कर दी हैं.
बलूचिस्तान के पुलिस महानिरीक्षक मौज्जम जाह अंसारी ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर विस्फोट से अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि क्वेटा रेलवे स्टेशन आमतौर पर सुबह के समय व्यस्त रहता है. क्वेटा सिविल अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. वसीम बेग ने रॉयटर्स को बताया, 'अब तक 62 घायलों को यहां इलाज के लिए ले आया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर है.'
बलूचिस्तान की आबादी करीब 1.5 करोड़ है और इसकी सीमा उत्तर में अफगानिस्तान और पश्चिम में ईरान से लगती है. बलूच लिबरेशन आर्मी इस प्रांत की स्वतंत्रता चाहती है. बीएलए पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हथियार उठाने वाले कई जातीय विद्रोही समूहों में सबसे बड़ा है. उनका कहना है कि सरकार प्रांत के समृद्ध गैस और खनिज संसाधनों का गलत तरीके से शोषण करती है.

ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य और प्रिंस चार्ल्स के भाई एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश पुलिस पूर्वी इंग्लैंड स्थित एंड्र्यू के घर पर पहुंची. सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म के आसपास छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और आठ सादे कपड़ों में अधिकारी देखे गए. थेम्स वैली पुलिस फरवरी में उन आरोपों की जांच कर रही थी जिनमें दावा किया गया था कि माउंटबेटन-विंडसर ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज दिए थे.

पाकिस्तान एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमले का बहाना ढूंढ़ रहा है. PAK ने अफगानिस्तान को कूटनीतिक मैसेज देते हुए खुलेआम कहा है कि उसे TTP या दूसरे किसी भी ग्रुप को जवाब देने और उसे खत्म करने का अधिकार है. पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक भाषा के लिए सोमवार को हुए हमले को आधार बनाया है, जब उसके 11 सैनिक मर गए थे.

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है और मिडिल ईस्ट में किसी भी समय युद्ध शुरू होने का खतरा बढ़ गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष कई हफ्तों तक चल सकता है. इस स्थिति को देखते हुए ईरान ने अपने सबसे संवेदनशील सैन्य और परमाणु ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर किलाबंदी शुरू कर दी है. जिसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है.









