
किरीट सोमैया के बेटे को विपक्ष ने क्यों दिया वॉकओवर? ठाकरे ब्रदर्स से कांग्रेस तक ने नहीं उतारे प्रत्याशी
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बीएमसी चुनाव काफी रोचक होता जा रहा है. बीजेपी के दिग्गज नेता किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया वार्ड नंबर -107 से चुनावी मैदान में है, जिनको विपक्ष ने एक तरह से वॉओवकर दे दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ठाकरे ब्रदर्स से लेकर कांग्रेस तक क्यों उम्मीदवार नहीं उतार सकी?
महाराष्ट्र की सियासत में बीजेपी के दिग्गज नेता किरीट सोमैया एक ऐसा नाम है, जिसे 'भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा' के तौर पर जाना जाता है. मुंबई विश्वविद्यालय से बिजनेस पॉलिसी और एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी कर किरीट सोमैया ने अपने राजनीति विरोधी नेताओं के द्वारा वित्तीय हेराफेरी की जांच करने पर केंद्रित अपनी सियासी शैली को चुना. सोमैया के सियासी खोजबीन से अजीत पवार, हसन मुश्रीफ, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, नारायण राणे और कृपाशंकर सिंह जैसे नेता नहीं बच सके.
किरीट सोमैया मुंबई उत्तर पूर्व लोकसभा सीट से दो बार बीजेपी के सांसद रह चुके हैं, लेकिन पिछले काफी समय से पार्टी में साइड लाइन चल रहे थे. बीजेपी ने बीएमसी चुनाव में उनके बेटे नील सोमैया को मुंबई के वार्ड नंबर 107 से दूसरी बार उम्मीदवार बनाकर उतारा है. इस बार उनके बेटी की राह पूरी तरह से आसान हो गई है, क्योंकि विपक्ष की तरफ से कोई कैंडिडेट ही नहीं है.
बीजेपी से कैंडिडेट होने के चलते नील सोमैया को एकनाथ शिंदे की शिवसेना का समर्थन हासिल है. नील सोमैया को विपक्षी दलों एक तरफ से वॉकओवर दे दिया है. किसी भी विपक्षी दल से कोई भी कैंडिडेट किरीट सोमैया के बेटे खिलाफ चुनाव में नहीं है. यह संयोग है या फिर कोई प्रयोग?
नील सोमैया को विपक्ष का वॉकओवर
मुंबई के मुलुंड इलाके की वार्ड नंबर 107 से बीजेपी प्रत्याशी नील सोमैया के खिलाफ राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन ने कोई उम्मीदवार नहीं दिया. ठाकरे ब्रदर्स ही नहीं एनसीपी और कांग्रेस पार्टी से भी किरीट सोमैया के बेटे खिलाफ कोई कैंडिडेट मैदान में नहीं है. एक तरह से विपक्ष ने पूरी तरह से किरीट सोमैया के बेटे को एक तरह से वॉकओवर दे दिया है. इसके चलते नील सोमैया के जीत की राह आसान हो गई है.
किरीट सोमैया ने कहा- गॉड इज ग्रेट

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