
कितना और गिरेगा शेयर बाजार? 9 महीने में पहली बार 400 लाख करोड़ के नीचे BSE का मार्केटकैप
AajTak
Share Market: पिछले सत्र में यह 400 लाख करोड़ रुपये था. पिछले दस सेशन में से नौ सेशन में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ. मंगलवार को सेंसेक्स 29 अंक गिरकर 75,967 पर और निफ्टी 14.20 अंक गिरकर 22,945 पर बंद हुआ. साल 2025 में सेंसेक्स 2.78% और निफ्टी 2.96% नीचे आ चुका है.
भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में भारी गिरावट के कारण बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन भी घटकर 9 महीने के निचले स्तर पर आ चुका है. जून के बाद पहली बार BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन 400 लाख करोड़ रुपये के नीचे पहुंचा है. पिछले साल 4 जून को BSE का मार्केट कैप 394 लाख करोड़ रुपये था. अभी निवेशकों का पैसा या बीएसई मार्केट कैप 398 लाख करोड़ रुपये है.
पिछले सत्र में यह 400 लाख करोड़ रुपये था. पिछले 10 सेशन में से 9 सेशन में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ. मंगलवार को सेंसेक्स 29 अंक गिरकर 75,967 पर और निफ्टी 14.20 अंक गिरकर 22,945 पर बंद हुआ. साल 2025 में सेंसेक्स 2.78% और निफ्टी 2.96% नीचे आ चुका है. लेकिन स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में बड़ा करेक्शन आया है. बीएसई इंडेक्स 2025 में 20 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं. FII भारत से बाहर जा रहे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump ने टैरिफ लगाए हैं, तीसरी तिमाही की कमाई का सीजन सुस्त रहा है.
कहां तक जा सकता है शेयर बाजार? रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर रिसर्चर अजीत मिश्रा ने कहा कि निफ्टी को जनवरी के निचले स्तर 22,800 के आसपास स्थिर रहने से संभावित उछाल की उम्मीदें जगी हैं. हालांकि लगातार खराब प्रदर्शन एक मेन चिंता का सब्जेक्ट बना हुआ है. ऐसे समय में अच्छे और फंडामेंटली मजबूत शेयरों में निवेश करना ज्यादा सही है.
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह ने कहा कि निफ्टी का शॉर्ट टर्म रुझान अभी भी मंदी वाला है, क्योंकि यह अपने महत्वपूर्ण अल्पकालिक मूविंग एवरेज से नीचे है. संभावित उलटफेर का संकेत 5 दिन EMA से ऊपर की चाल होगी, जो वर्तमान में 23,020 के आसपास है. इस लेवल से ऊपर निफ्टी 23,235 की ओर वापसी कर सकता है. इसके विपरीत, 22,725 से नीचे का ब्रेक डाउनट्रेंड एक्टिव हो सकता है.
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रूपक डे ने कहा कि निफ्टी में उतार-चढ़ाव का एक और दिन देखने को मिला, क्योंकि इंडेक्स क्लियर डायरेक्शन में जाने में असफल रहा है. शॉर्ट टर्म में जब तक यह 23,150 से नीचे रहता है, तब तक निफ्टी 'बढ़त पर बिकवाली' वाला बना रह सकता है. अभी सपोर्ट 22,800 पर है, और इस स्तर से नीचे गिरने पर आगे सुधार हो सकता है. रेसिस्टेंस 23000 पर है.
गौरतलब है कि सेंसेक्स का ऑल टाइम हाई 85,978.25 अंक था, जहां से इंडेक्स करीब 14000 अंक टूट चुका है. वहीं निफ्टी अपने हाई से करीब 3400 अंक टूट चुका है. यानी सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स 52 वीक हाई से करीब 15 फीसदी फिसल चुका है.

लघु बचत योजनाओं (small savings schemes) में निवेश करने वालों को सरकार ने नए साल से पहले राहत या झटका, दोनों में से कुछ भी नहीं दिया है. पीपीएफ, एनएससी, सुकन्या समृद्धि योजना समेत सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें लगातार सातवीं तिमाही के लिए जस की तस रखी गई हैं. 1 जनवरी 2026 से लागू नई दरों में कोई बदलाव नहीं होगा.
