
कारसेवा में लगी थी गोली, अब न्योता मिलने पर Ayodhya निकले Asansol के अभय बर्णवाल
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भगवा लहराते हुए जय श्री राम के नारों के साथ अयोध्या के लिए रवाना हुए श्रीराम आंदोलन में गोली खाने वाले कारसेवक अभय बर्णवाल. लोगों ने रास्ते में खाने के लिए सत्तू और ठेकुआ देकर विदा किया. उन्हें 33 साल पुराना वह दौर याद आ गया, जब दादी-नानी ने राम मंदिर आंदोलन में जाने के लिए ऐसे ही विदा किया था.
आसनसोल के मोहिसीला के रहने वाले 54 साल के अभय बर्णवाल हाथ में भगवा झंडा लहराते हुए जय श्री राम के नारों के साथ अयोध्या के लिए निकल पड़े हैं. 33 साल पहले वह करीब 21 साल के थे. उस दौरान भी वह अयोध्या के लिए इसी जोश से कारसेवा करने निकले थे. मगर, इतने सालों में देश में कई स्थितियां बदल चुकी हैं.
33 साल पहले जहां कारसेवकों पर गोलियां चली थीं, वहीं अब कारसेवकों को सम्मानित किया जा रहा है. उनके अयोध्या पहुंचने पर फूलों से स्वागत होगा. आज से 33 साल पहले विवादित स्थल पर श्रीराम मंदिर बनाने के लिए हजारों की संख्या में देश के कोने-कोने से कारसेवक हाथों में भगवा झंडा लेकर निकले थे.
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आज वहां कानून के आदेश के बाद भव्य रामलला का मंदिर बनकर तैयार हो चुका है. 22 जनवरी को मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा है. ऐसे में 90 के दशक में अयोध्या पहुंचे जिन कारसेवकों पर गोलियां चली थीं, आज उन पर उसी स्थल पर फूल बरसाए जाएंगे. उनका स्वागत किया जाएगा. उनको श्री रामलला के मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा में सम्मानित किया जाएगा.
कारसेवकों और उनके परिजनों को दिया जा रहा है न्योता
हालांकि, इस बर्षों बाद मिली इस जीत और सफलता को देखने के लिए ऐसे बहुत सारे कारसेवक इस दुनिया में नही हैं. मगर, जो कारसेवक अभी जीवित हैं, उनको और जो मर चुके हैं उनके परिवार के एक-एक सदस्य को पूरे देश से ढूंढ़कर निमंत्रण दिया जा रहा है.

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