
काठमांडू बस हादसे में अब तक 14 मौत, महाराष्ट्र से घूमने नेपाल पहुंचा था 104 लोगों का ग्रुप
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नेपाल बस हादसे को लेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि नेपाल यात्रा पर गए सभी लोग महाराष्ट्र के भुसावल के धरनगांव इलाके के रहने वाले थे. वे पर्यटन के उद्देश्य से नेपाल गए थे. सभी लोग गोरखपुर से बसों के जरिए रवाना हुए थे.
नेपाल के तनहुं जिले के आइना पहाड़ा में दर्दनाक बस हादसा हो गया. एक भारतीय टूरिस्ट बस हाईवे से करीब 150 मीटर नीचे मार्स्यांगदी नदी में जा गिरी. हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत 43 लोग सवार थे. टूरिस्ट बस पोखरा के रिसॉर्ट से काठमांडू की ओर जा रही थी. भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि पोखरा से काठमांडू जा रही एक भारतीय पर्यटक बस जिसमें लगभग 43 भारतीय सवार थे वह 150 मीटर नीचे नदी में गिर गई. बस का रजिस्ट्रेशन नंबर UP 53 FT 7623 था.
इस हादसे को लेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि नेपाल यात्रा पर गए सभी लोग महाराष्ट्र के भुसावल के धरनगांव इलाके के रहने वाले थे. वे पर्यटन के उद्देश्य से नेपाल गए थे. सभी लोग गोरखपुर से बसों के जरिए रवाना हुए थे.
उन्होंने कहा कि पोखरा से काठमांडू के लिए 3 बसें निकलीं. इनमें 104 लोग सवार थे. इन तीन बसों में से एक बस मर्स्यांगदी नदी में गिर गई. हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. गिरीश महाजन ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार नेपाल के संबंधित अधिकारियों और दूतावास के संपर्क में है. उन्होंने कहा कि भुसावल विधायक संजय सावकारे और भाजपा जिला अध्यक्ष अमोल जावले नेपाल के लिए रवाना हो गए हैं. वे नेपाल में जाकर व्यवस्थाएं संभाल लेंगे.
पीटीआई के मुताबिक सशस्त्र पुलिस बल (APF) के डिप्टी एसपी शैलेंद्र थापा ने बताया कि दुर्घटना स्थल से 14 शव बरामद किए गए हैं. 16 घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है. बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है.
स्थानीय मीडिया के मुताबिक नेपाल सेना का एक MI 17 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के लिए एक मेडिकल टीम के साथ तनहुं जिले के अंबू खैरेनी में दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हो गया है.
पोखरा के गंडकी प्रांत पुलिस ऑफिस की ओर से कहा गया है कि हादसे में बचाए गए लोगों में से 15 लोग बोलने की हालत में हैं. पहाड़ी इलाकों के कारण नेपाल की नदियां आम तौर पर तेज़ बहती हैं. पिछले कुछ दिनों में भारी मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं. जिससे मलबे को देखना और भी मुश्किल हो गया है.

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