
कांवड़ यात्रा के बाद हरिद्वार में लगा 30 हजार मीट्रिक टन कचरे का अंबार, सफाई में पुलिसकर्मी भी जुटे
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कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा नदी से पवित्र जल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे थे. हालांकि हरिद्वार की सड़कें और घाट, बाज़ार और हाईवे अब कांवड़ियों द्वारा फेंके गए कचरे से भर गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि हरिद्वार में 30,000 मीट्रिक टन कूड़े की सफाई करनी है. इसमें भारी मात्रा में पॉलीथिन है.
गुरु पूर्णिमा से शुरू हुई कांवड़ यात्रा 15 जुलाई को संपन्न हो चुकी है. इस दौरान करीब 4 करोड़ 7 लाख श्रद्धालु देशभर से हरिद्वार गंगाजल लेने के लिए पहुंचे थे. ये कांवड़िए यहां से गंगाजल लेकर जा चुके हैं. लेकिन इनकी वापसी के बाद हरिद्वार के घाटों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है.
हरिद्वार में कई जगहों पर फैले कूड़े को साफ करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि पूरी तरह से कूड़ा साफ करने में दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है. अधिकारियों ने बताया कि हरिद्वार में 30,000 मीट्रिक टन कूड़े की सफाई करनी है. इसमें भारी मात्रा में पॉलीथिन है.
कांवड़ यात्रा के दौरान देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा नदी से पवित्र जल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे थे. हालांकि हरिद्वार की सड़कें और घाट, बाज़ार और हाईवे अब कांवड़ियों द्वारा फेंके गए कचरे से भर गए हैं. कूड़े के साथ-साथ पॉलिथीन के ढेर भी लगे हुए हैं. जो हरिद्वार में सख्ती के साथ बैन की गई है. रविवार को हरिद्वार पुलिस ने भी विष्णु घाट की सफाई का बीड़ा उठाया.
कांवड़ मेले के बाद पुलिस टीम ने घाट और उसके आसपास गंदगी और कूड़ा-कचरा हटाने का काम किया. वहीं नगर निगम सभी घाटों और हर की पैड़ी क्षेत्र से कूड़ा उठाने के दावे कर रहा है.निगम का कहना है कि कूड़ा उठाने के लिए अभी उन्हें 2 से 3 दिन का समय और लग सकता है.

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