
कांग्रेस ने जारी की राज्यसभा के 10 उम्मीदवारों की लिस्ट, CG से रंजीत रंजन और राजीव शुक्ला को टिकट
AajTak
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए 10 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. सबसे ज्यादा राजस्थान से तीन और छत्तीसगढ़ से दो प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया है. राज्यसभा की 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होने वाले हैं.
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए 10 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है. राजस्थान से रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनीक और प्रमोद तिवारी के नामों का ऐलान किया गया है. बता दें कि राज्यसभा की 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होने वाले हैं. 31 मई को नामांकन की आखिरी तारीख है.
इनके अलावा छत्तीसगढ़ से दो प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया है. यहां से रंजीत रंजन और राजीव शुक्ला को उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं, हरियाणा से अजय माकन, कर्नाटक से जयराम रमेश, मध्य प्रदेश से विवेक तन्खा, महाराष्ट्र से इमरान प्रतापगढ़ी और तमिलनाडु से पी चिदंबरम को प्रत्याशी बनाया गया है.
कांग्रेस की 8 सीटें होनी हैं खाली
राज्यसभा में कांग्रेस की आठ सीटें खाली हो रही है. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, जयराम रमेश, कपिल सिब्बल, छाया शर्मा, विवेक तन्खा, अंबिका सोनी जैसे नेता शामिल हैं. वहीं, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, प्रमोद तिवारी, कुमारी सैलजा, संजय निरुपम, राजीव शुक्ला राज बब्बर जैसे कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं की लंबी सूची थे, जो उच्च सदन में जाने के इंतजार में थे. इनमें से पी. चिदंबरम, जयराम रमेश, विवेक तन्खा, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला को पार्टी ने उम्मीदवार बना दिया है.
बता दें कि 15 राज्यों की खाली 57 राज्यसभा सीटों पर 10 जून को मतदान होगा. चुनाव आयोग के मुताबिक 21.06.2022 से 01.08.2022 के बीच कई सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इसके बाद ये सीटें खाली हो जाएंगी. इससे पहले 31 मार्च को छह राज्यों की 13 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे. असम (2 सीट), हिमाचल प्रदेश (1), केरल (3), नागालैंड (01), त्रिपुरा (01), पंजाब (5) में ये चुनाव हुए थे.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









