
'कांग्रेस को प्रशांत किशोर भी सफलता नहीं दिला पाएंगे', जानें टीएमसी नेता क्या बोले
Zee News
टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने पीके के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा को लेकर कहा, "चुनावी रणनीतिकार ( प्रशांत किशोर) कभी भी टीएमसी में शामिल नहीं हुए. वह हमारे राजनीतिक विश्लेषक थे. किशोर एक चुनावी रणनीतिकार हैं. वह टीएमसी नेता नहीं हैं. वह किसी भी पार्टी से बात कर सकते हैं.
नई दिल्ली: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दावा किया है कि असफलताओं से जूझ रही कांग्रेस को इससे भी सफलता हाथ नहीं लगेगी. टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने पीके के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा को लेकर कहा, "चुनावी रणनीतिकार ( प्रशांत किशोर) कभी भी टीएमसी में शामिल नहीं हुए. वह हमारे राजनीतिक विश्लेषक थे. किशोर एक चुनावी रणनीतिकार हैं. वह टीएमसी नेता नहीं हैं. वह किसी भी पार्टी से बात कर सकते हैं. हम जानते हैं कि कांग्रेस का असफलताओं का इतिहास रहा है. अगर कांग्रेस खुद को फिर से जीवित करना चाहती है, तो कोशिश कर सकती है. हमारा मुख्य ध्यान भाजपा को हराने में है."
घोष ने कहा, "जैसे बंगाल में है, टीएमसी मजबूत है. अगर कांग्रेस को लगता है कि वह लड़ सकते हैं और भाजपा को हरा सकते हैं, तो उनका स्वागत है." गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में पीके ने टीएमसी के साथ काम किया था लेकिन पार्टी नेताओं से मतभेदों के कारण वह टीएमसी से अलग हो गए.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

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Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

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