
कहीं मंत्री पर फोड़ा हार का ठीकरा, कहीं आपस में भिड़े समर्थक... झारखंड से यूपी तक बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप
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लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी में समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है. झारखंड से यूपी तक चुनाव हारने वाले नेताओं की ओर से भीतरघात के आरोप लगाए जा रहे हैं. कहीं जिलाध्यक्ष की ओर उंगली उठ रही है तो कहीं सांसद और विधायक के समर्थक आपस में ही भिड़ जा रहे.
लोकसभा चुनाव के बाद राज्य-राज्य, शहर-शहर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. झारखंड में दुमका सीट से हार के बाद सीता सोरेन ने पार्टी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तो वहीं गोड्डा में सांसद निशिकांत दुबे और विधायक नारायण दास के समर्थक आपस में भिड़ गए. निशिकांत दुबे और नारायण दास के समर्थकों में हाथापाई भी हुई और मामला थाने तक पहुंच गया. यह घटना पार्टी की समीक्षा बैठक के दौरान एक होटल में हुई.
जानकारी के मुताबिक गोड्डा संसदीय सीट के चुनाव नतीजों की समीक्षा के लिए रांची से बीजेपी के राज्यसभा सांसद आदित्य साहू और बालमुकुंद सहाय देवघर पहुंचे थे. देवघर के एक होटल में बाकायदा समीक्षा बैठक बुलाई गई थी. समीक्षा बैठक शुरू होती, उससे पहले ही सांसद निशिकांत दुबे और विधायक नारायण दास के समर्थक आपस में भिड़ गए. विधायक नारायण दास ने आरोप लगाया है कि सांसद के गुंडों ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जाति सूचक शब्दों का उपयोग करते हुए मारपीट की.
विधायक ने आरोप लगाया कि दलित विधायक होने के नाते उन्हें और गोड्डा के ओबीसी विधायक अमित मंडल को राजनाथ सिंह के कार्यक्रम में भी मंच पर नहीं चढ़ने दिया गया था.अब पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता देवाशीष चौधरी के साथ मारपीट की गई, भद्दी भद्दी गालियां दी गईं. बीजेपी की एक महिला कार्यकर्ता ने भी देवघर पुलिस को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है. महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि हम पूरी तरह दब गए थे और अगर समय पर गार्ड नहीं आता तो हमारी जान भी जा सकती थी.
देवघर में क्या हुआ?
देवघर से निशिकांत दुबे को 2019 में 75 हजार वोट की लीड मिली थी. इस बार यह आंकड़ा घटकर 41 हजार के स्तर पर आ गया. घटी लीड को लेकर सवाल उठे तो नारायण दास ने तर्क दिया कि अगर निशिकांत दुबे के समर्थन में काम नहीं किया गया तो इतनी लीड उनको कैसे मिल गई? मारपीट की घटना के बाद सांसद और विधायक, दोनों के ही समर्थकों ने एक-दूसरे के नेता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया.
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने समर्थकों से धैर्य रखने की अपील की और ये भी कहा कि अमर्यादित टिप्पणी करने से परहेज करें. सांसद ने 72 घंटे से बीमार होने की वजह से अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए कहा है कि 20 जून के बाद कार्यकर्ताओं से बात करेंगे.

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