
कहीं बर्बादी की दिशा में तो नहीं खुलता आपके घर का दरवाजा? जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र
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घर के दरवाजे की दिशा से कोई खास ग्रह घर में शुभ-अशुभ प्रभाव डालता है. अगर वो ग्रह आपके लिए अनुकूल है, तो घर का मुख्य द्वार आपके लिए लाभदायक हो जाता है, वरना जीवन में व्यर्थ की समस्या शुरू हो जाती है. आइए जानते हैं कि घर का दरवाजा किस दिशा में शुभ परिणााम देता है और किस दिशा में अशुभ.
वास्तु शास्त्र में घर के दरवाजे का हमारी किस्मत के साथ गहरा कनेक्शन बताया गया है. जब आप घर से बाहर निकलते हैं तो आपका चेहरा जिस दिशा में होता है, वही आपके दरवाजे की दिशा होती है. घर के दरवाजे की दिशा से कोई खास ग्रह घर में शुभ-अशुभ प्रभाव डालता है. अगर वो ग्रह आपके लिए अनुकूल है तो घर का मुख्य द्वार आपके लिए लाभदायक हो जाता है, वरना जीवन में व्यर्थ की समस्या शुरू हो जाती है. आइए जानते हैं कि घर का दरवाजा किस दिशा में शुभ परिणााम देता है और किस दिशा में अशुभ
1. अगर घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में हो तो यह बहुत ही शुभ समझा जाता है. लेकिन अगर आपकी कुंडली में मंगल गड़बड़ हो तो इस द्वार के कारण घर में कर्जों का बोझ बढ़ने लगता है. इंसान पाई-पाई को मोहताज हो सकता है.
2. अगर घर का मुख्यद्वार पश्चिम दिशा में हो तो यह रुपए-पैसों के मामले में काफी शुभ समझा जाता है. लेकिन अगर कुंडली में बुध ठीक ना हो तो इसके चलते घर में पैसा नहीं टिकता है. घर का सारी बरकत खत्म हो जाती है.
3. अगर घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में हो तो सामान्यतः ये द्वार जीवन में संघर्ष को बढ़ा देता है. लेकिन अगर कुंडली में शनि-मंगल की स्थिति ठीक हो तो इसी द्वार से घर में खुशियों और संपन्नता का प्रवेश होता है.
4. अगर घर का मुख्य द्वार ईशान दिशा में हो तो निश्चित ही ये शुभ फल देता है. लेकिन अगर कुंडली में बृहस्पति की स्थिति ठीक न हो तो इस द्वारा से गंभीर बीमारियां घर में प्रवेश करती हें.
5. अगर घर का मुख्य द्वार वायव्य दिशा में हो तो सामान्यतः ये शुभ परिणाम देता है. लेकिन अगर कुंडली का शनि गड़बड़ हो तो मित्र भी शत्रु बन जाते हैं. खासतौर से पड़ोसियों से विवाद होने लगता है.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.












