
कहीं जीरो टैक्स, कहीं 60% तक... दुनिया के इन देशों में एक रुपया भी नहीं लगता है टैक्स
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Tax Rule: क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां भारत से ज्यादा आयकर वसूला जाता है. वहीं तमाम ऐसे देश भी हैं, जहां इनकम टैक्स वसूला ही नहीं जाता है, यानी लोगों को कोई इनकम टैक्स (Income Tax) नहीं देना पड़ता है.
सरकार के पास पैसे कहां से आती है, दरअसल, दुनिया के अधिकतर देशों में आयकर (Income Tax) सरकार की आय का मुख्य जरिया होता है. भारत की बात करें तो यहां इनकम टैक्स को लोगों की कमाई के अनुसार लगाया जाता है, यानी जो लोग कम कमाते हैं, उन्हें कम आयकर और जो ज्यादा कमाते हैं तो उन्हें ज्यादा टैक्स देना होता है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां भारत से ज्यादा आयकर वसूला जाता है. वहीं तमाम ऐसे देश भी हैं, जहां इनकम टैक्स वसूला ही नहीं जाता है, यानी लोगों को कोई इनकम टैक्स (Income Tax) नहीं देना पड़ता है.
दरअसल, चंद दिनों के बाद देश का आम बजट (Union Budget 2025) पेश होने वाला है. बजट में जिस ऐलान पर देश की जनता की निगाहें सबसे ज्यादा टिकी होती हैं, वो है आयकर छूट (Income Tax Benefits). लेकिन आज हम आपको ऐसे देशों के बारे में बताते हैं, जहां एक रुपया भी टैक्स नहीं लिया जाता है. अब सवाल ये कि बिना Tax इन देशों की इकोनॉमी कैसे चलती हैं.
UAE दुनिया की डायरेक्ट टैक्स मुक्त इकोनॉमी वाले देशों पर नजर डालें, तो इसमें पहले नंबर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का नाम आता है. देश में जनता से किसी भी तरह का कोई व्यक्तिगत टैक्स नहीं लिया जाता है. सरकार अप्रत्यक्ष करों जैसे वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) और अन्य शुल्कों पर निर्भर करती है. UAE Economy तेल और टूरिज्म की वजह से काफी मजबूत है. इसी वजह से यूएई में लोगों को इनकम टैक्स से राहत दी गई है.
बहरीन टैक्स फ्री देशों की लिस्ट में बहरीन का नाम भी शामिल है और इस देश में भी जनता से कोई टैक्स नहीं वसूला जाता है. देश की सरकार भी दुबई की तरह ही प्रमुख तौर पर डायरेक्ट टैक्स के बजाय अप्रत्यक्ष करों और अन्य शुल्कों पर निर्भर करती है. ऐसा माना जाता है कि ये तरीका देश के छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए बेहद अनुकूल साबित होता है और इससे इकोनॉमी में भी रफ्तार आती है.
कुवैत कुवैत भी टैक्स-फ्री देशों (Tax Free Countries) की लिस्ट में शामिल हैं. यहां पर कोई व्यक्तिगत आयकर नहीं है. पूरी तरह से तेल से होने वाली इनकम पर बेस्ड देश की इकोनॉमी भी जनता से एक भी रुपया टैक्स के तौर पर बिना वसूले चलती है. दरअसल इसके पीछे के कारणों की बात करें, तो कुवैत की इकोनॉमी में सबसे बड़ा हिस्सा तेल निर्यात (Oil Export) से ही आता है, जिससे सरकार को डायरेक्ट टैक्स लेने की कोई जरूरत ही नहीं होती. ये मॉडल अपनाने के बाद टैक्स-फ्री कंट्री होने के बावजूद भी कुवैत एक समृद्ध अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा है.

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