
कर्नाटक की जेल में कैदी के पेट से निकला मोबाइल फोन, एक्स-रे देखकर दंग रह गए डॉक्टर!
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कर्नाटक के शिवमोग्गा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक हाई-सिक्योरिटी जेल के अंदर एक मोबाइल फोन मिला है, लेकिन यह बरामदगी किसी बैग, अलमारी या सेल से नहीं, बल्कि एक कैदी के पेट से हुई है.
कर्नाटक के शिवमोग्गा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक हाई-सिक्योरिटी जेल के अंदर एक मोबाइल फोन मिला है, लेकिन यह बरामदगी किसी बैग, अलमारी या सेल से नहीं, बल्कि एक कैदी के पेट से हुई है. इस हैरान कर देने वाली घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद दौलत उर्फ गुंडा (30) नामक कैदी 10 साल की सजा काट रहा है. 24 जून को उसने पेट दर्द की शिकायत की और जेल अधिकारियों को बताया कि उसने कुछ निगल लिया है. इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे तुरंत शिवमोग्गा के सरकारी मैकगैन अस्पताल में भर्ती कराया. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसका एक्स-रे कराया. रिपोर्ट देखकर हैरान रह गए.
डॉक्टरों ने देखा कैदी की आंतों में एक मोबाइल फोन फंसा हुआ था. मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, यह फोन करीब 1 इंच चौड़ा और 3 इंच लंबा था, जिसे कैदी ने निगल लिया था. मरीज की सहमति के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया और 8 जुलाई को वह फोन बाहर निकाला गया. डॉक्टरों ने मोबाइल फोन को एक सीलबंद लिफाफे में जेल प्रशासन को सौंप दिया है.
इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और जेल स्टाफ की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं. आखिर इतनी कड़ी निगरानी के बीच जेल के भीतर मोबाइल फोन कैसे पहुंचा? जेल अधीक्षक रंगनाथ पी. ने इस पूरे मामले की शिकायत तुंगानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है. आरोपी कैदी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता से जांच के आदेश दिए हैं. संदेह है कि जेल के कुछ कर्मचारी घूस या मिलीभगत के जरिए इस तस्करी में शामिल हो सकते हैं. अब जांच का दायरा यह पता लगाने पर केंद्रित है कि क्या यह सुरक्षा में लापरवाही थी या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा? हालांकि, इससे पहले इसी जेल में इसी तरह का मामला सामने आ चुका है.

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