
करौली आश्रम में डेढ़ लाख का हवन कराने के दूसरे दिन लापता हुआ बेटा, अगले दिन पिता भी गायब
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कानपुर के करौली आश्रम से जुड़ी एक और मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है. दरअसल, झारखंड से इलाज कराने आया एक परिवार ने करौली आश्रम पर सवाल उठाया. परिवार अपने छोटे बेटे का इलाज कराने के लिए करौली आश्रम आया था. आश्रम में हवन के अगले दिन बीमार बेटा गायब हो गया. उसके अगले दिन परिवार के मुखिया लापता हो गए.
डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी की पिटाई के आरोपों के बाद सुर्खियों में आए कानपुर के करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया पर एक और आरोप लगा है. झारखंड से इलाज कराने आए एक परिवार ने करौली आश्रम पर सवाल उठाया है. परिवार अपने छोटे बेटे का इलाज कराने के लिए करौली आश्रम आया था, लेकिन आश्रम से परिवार का मुखिया और बीमार बेटा ही गायब हो गया था.
आरोपों के मुताबिक, झारखंड के देवघर से एक परिवार अपने मानसिक रूप से कमजोर बेटे का इलाज कराने के लिए 24 जनवरी को करौली आश्रम आया था. परिजन करौली शंकर महादेव के दरबार पहुंचे थे. करौली शंकर महादेव ने हवन पूजन कराने का सुझाव दिया गया था. डेढ़ लाख रुपए का हवन कराने की बात आश्रम की ओर से कही गई.
हवन के अगले दिन लापता हुआ बेटा, अगले दिन पिता
25 जनवरी को परिवार की ओर से डेढ़ लाख रुपये खर्च करके हवन कराया गया. हवन के अगले दिन यानी 26 जनवरी को मानसिक रूप से कमजोर बेटा लापता हो गया. परिवार अभी उसे ढूंढ ही रहा था कि 27 जनवरी को परिवार के मुखिया ही लापता हो गए. इसके बाद परिवार की ओर से दोनों को खोजने का काम शुरू किया गया.
10 दिन बाद 150 किलोमीटर दूर मिला लापता बेटा
करीब 10 दिन बाद आश्रम से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक गांव में मानसिक रूप से बीमार बेटा मिला. परिजनों उसे वापस ले आए, लेकिन पिता का कोई अता-पता नहीं लग सका. इसके बाद परिवार ने 9 फरवरी को कानपुर के विधनू पुलिस थाने में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी. दो महीने बाद भी पिता लापता हैं.

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