
करोड़ों की संपत्ति, अफसर भाई-बहन और खूनी साजिश... हैरान कर देगी एक्सीडेंट दिखने वाले इस कत्ल की कहानी
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वो कहते हैं ना कि कई बार जो होता है, वो दिखता नहीं और जो दिखता है, वो होता नहीं है. ऐसा ही कुछ हुआ था महाराष्ट्र के नागपुर शहर में. जहां पिछले महीने एक बुजुर्ग को पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार व्हाइट आई-20 कार ने कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी. लेकिन ये कहानी कुछ और निकली.
महाराष्ट्र के नागपुर शहर में पिछले महीने सबकी आंखों के सामने एक कत्ल हुआ था. लेकिन सबकुछ खुलेआम होने के बावजूद किसी को ये कत्ल नजर नहीं आया. और तो और पुलिस भी इस कत्ल को कत्ल नहीं समझ सकी. लेकिन जब मरने वाले शख्स की पहचान सामने आई और इस मौत को लेकर शहर में चर्चाओं का बाज़ार गर्म हुआ, तो फिर मामले की जांच क्राइम ब्रांच के हवाले की गई. और अब इस मामले में जो खुलासा हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया. ये कहानी है एक ऐसे अदृश्य कत्ल की, जिसके लिए पूरे एक करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी.
कार ने बुजुर्ग को कुचला वो कहते हैं ना कि कई बार जो होता है, वो दिखता नहीं और जो दिखता है, वो होता नहीं है. हम बात कर रहे हैं सीसीटीवी की कुछ ऐसी ही तस्वीरों की. तस्वीरों में एक बुजुर्ग शख्स हाथ में झोला लिए पैदल ही सड़क से चले जा रहे हैं. उनकी नजरें नीची हैं. लेकिन अभी वो थोड़ी ही दूर आगे और बढ़ते हैं कि पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार व्हाइट आई-20 कार उन्हें कुचल देती है. और आगे निकल जाती है.
22 मई 2024, नागपुर नागपुर में दूर से कैमरे में कैद हुई वे तस्वीरें बहुत साफ तो नहीं है, लेकिन इन्हें देख कर फौरी तौर पर इतना तो कहा ही जा सकता है कि ये मामला एक्सीडेंट का है. पिछले महीने की 22 तारीख को हुई इस वारदात की उन तस्वीरों को देख कर शुरू में नागपुर पुलिस को भी कुछ ऐसा ही लगा था. क्योंकि उस तस्वीर में जो दिखा, वो था नहीं और जो था वो दिखा नहीं. और यही वजह है कि अब उस वारदात के पूरे 21 दिन बाद ये केस सिर के बल खड़ा हो चुका है.
एक्सीडेंट का नहीं, कत्ल पता चला है कि केस एक्सीडेंट का नहीं, बल्कि सोची समझी साजिश के तहत किए गए कत्ल का है, जिस कत्ल के लिए कातिलों को पूरे 1 करोड़ रुपये की सुपारी दी गई है. लेकिन आखिर एक बुजुर्ग आदमी के कत्ल के लिए इतनी भारी भरकम सुपारी किसने दी? उसकी इन बुजुर्ग से ऐसी दुश्मनी क्या थी? कत्ल को एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश क्यों हुई? और आखिरकार इस तथाकथित एक्सीडेंट के पीछे छुपे खूनी साज़िश से पर्दा कैसे हटा? तो नागपुर में हुई इस वारदात की तफ्तीश में जो बातें सामने आईं और कातिल के तौर पर जो चेहरे बेनकाब हुए, उन्होंने पुलिस वालों के साथ-साथ नागपुर के आम लोगों को भी अब हैरत में डाल दिया है.
दो क्लास वन अफसरों की खौफनाक साजिश क्योंकि इस बुजुर्ग के कत्ल के मास्टरमाइंड के तौर पर जिस महिला का नाम सामने आया है, वो महाराष्ट्र के ही गढ़चिरौली और चंद्रपुर के टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट की असिस्टेंट डायरेक्टर है, यानी सरकारी महकमे की एक क्लास वन ऑफिसर जबकि इस साजिश में उस महिला का साथ देने वाला दूसरा बडा़ चेहरा है प्रशांत पार्लेवार, जो नागपुर के ही माइक्रो, स्मॉल एंड मिडियम इंटरप्राइजेज यानी एमएसएमई के डायरेक्टर हैं. यानी दूसरे सीनियर क्लास वन ऑफिसर. अब दो-दो इतने बड़े सरकारी अफ़सरों ने आखिर इस बुजुर्ग की जान क्यों ली? क्यों एक क़त्ल करके दोनों ने अपने और अपने पूरे परिवार की जिंदगी दांव पर लगा दी? तो ये सच जानने के लिए आपको सिलसिलेवार तरीके से पूरी वारदात को समझना होगा.
मौके पर हो गई थी बुजुर्ग की मौत 22 मई की सुबह करीब पौने ग्यारह बजे ये वारदात तब हुई, जब 82 साल के बुजुर्ग पुरुषोत्तम पुट्टेवार पास के एक अस्पताल से पैदल ही अपनी बेटी के घर लौट रहे थे. अस्पताल में पुरुषोत्तम की पत्नी भर्ती हैं और पिछले कुछ दिनों से पुरुषोत्तम का यही रूटीन चल रहा था. लेकिन अभी वो बेटी के घर पहुंच पाते, तब तक नागपुर के बालाजी नगर इलाके में एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी और घसीटती हुई दूर तक ले गई, जिससे उनकी जान चली गई.

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