
कमला हैरिस के खिलाफ भारतवंशी महिला लड़ेंगी चुनाव? डोनाल्ड ट्रंप ने जीत के लिए चला नया दांव
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डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चार बार सांसद रह चुकीं तुलसी (42) साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुई थीं लेकिन रेस में काफी पीछे रह गई थीं. अमेरिकी संसद छोड़ने के बाद तुलसी ने 2022 में डेमोक्रेटिक पार्टी भी छोड़ दी थी. इस दौरान उन्होंने खुद को रिपब्लिकन पार्टी के अधिक करीब होने की बात कही थी.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय मूल की पूर्व सांसद तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) के संपर्क में बने हुए हैं. दोनों के बीच विदेश नीति और रक्षा मामलों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई. लेकिन इन सबसे अधिक महत्वपूर्ण ये है कि तुलसी को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का संभावित उम्मीदवार बनाया जा सकता है.
डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चार बार सांसद रह चुकीं तुलसी (42) साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल हुई थीं लेकिन रेस में काफी पीछे रह गई थीं. अमेरिकी संसद छोड़ने के बाद तुलसी ने 2022 में डेमोक्रेटिक पार्टी भी छोड़ दी थी. इस दौरान उन्होंने खुद को रिपब्लिकन पार्टी के अधिक करीब होने की बात कही थी.
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और उनके शीर्ष सलाहकारों ने तुलसी से विदेश नीति के बारे में बात की थी. इस दौरान यह भी चर्चा की गई कि ट्रंप के दूसरे संभावित कार्यकाल में रक्षा विभाग को किस तरह चलाया जाना चाहिए.
इससे पहले तुलसी ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में बताया था कि वह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार बनने के लिए चर्चा करने के लिए तैयार हैं.
उन्होंने कहा था कि मैं इस चर्चा के लिए तैयार हूं. जीवन में मेरा मिशन हमारे देश और अमेरिकी लोगों की सेवा करना है. इसके साथ ही ऐसा करने के लिए बेहतरीन तरीके खोजना है. वॉशिंगटन पोस्ट कि रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि ट्रंप ने पिछले साल भी निजी तौर पर तुलसी से मुलाकात की थी.
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