
कब्र से निकाली गई लाश...! 44 साल के शख्स की मौत के बाद क्या हुआ? हैरान कर देगी ये कहानी
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ओडिशा में सड़क हादसे में मृत 44 साल के एक शख्स के शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्र से निकाला गया है. शख्स के बेटे ने दावा किया था कि सड़क हादसे के बाद अस्पताल में पिता की मौत हो गई और जब शव परिवार को थमाया गया तो उन्हें उनके पेट में सर्जरी के निशान मिले. बेटे का आरोप है कि उसके पिता के शरीर के अंग निकाले गए हैं.
ओडिशा के बेरहमपुर से एक अस्पताल द्वारा मृतक के अंग चोरी के आरोप का मामला सामने आया है. दरअसल, हाल ही में एक शख्स कालाहांडी जिले में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था. तब कटक के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज कराया गया जहां उनकी मौत हो गई थी.
अब 44 साल की इसी शख्स के बेटे की ओर से लगाए गए आरोपों के चलते शख्स के शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्र से निकाला गया है. मृतक के बेटे ने दावा किया था कि उसके पिता को सिर में चोट लगी थी और कटक के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज कराया गया था. लेकिन उनकी मौत हो गई और जब शव परिवार को थमाया गया तो उन्हें उनके पेट में सर्जरी के निशान मिले. मृतक के बेटे ने आरोप लगाया 'हमें संदेह है कि अस्पताल के अधिकारियों ने मेरे पिता के कुछ अंगों को निकाल लिया होगा.'
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शख्स को कटक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और 16 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि अस्पताल के अधिकारियों ने बिना कोई पोस्टमार्टम किए शव को मृतक के परिवार के सदस्यों को सौंप दिया और कटक के स्थानीय पुलिस स्टेशन को उनकी मौत के बारे में सूचित नहीं किया गया था.
पुलिस ने कहा कि मृतक के परिवार के सदस्यों ने 17 अक्टूबर को उसके शव को कंधमाल जिले के बालीगुडा पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत टिकराबाजू में एक कब्रिस्तान में दफना दिया था. बालीगुडा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक सुशांत साहू ने कहा कि कब्रिस्तान से निकाले जाने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम एक उप-विभागीय अस्पताल में किया गया हैं. उन्होंने कहा- 'हम मृतक के बेटे के अंग चोरी के आरोप की भी जांच कर रहे हैं. सारी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगी.'
इस बीच, कंधमाल में शिकायत के बाद जांच के लिए भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस की एक टीम ने कटक के निजी अस्पताल का दौरा किया. अस्पताल प्राधिकारी ने आरोप से इनकार किया और कहा कि उनके डॉक्टरों ने डीकंप्रेसिव क्रैनिएक्टोमी, एक न्यूरोसर्जिकल प्रक्रिया की थी. निजी अस्पताल प्रबंधक सुसांता बेहरा ने कटक में मीडियाकर्मियों को बताया, हमारे डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मरीज की स्थिति के बारे में परिवार के सदस्य को भी सूचित किया था. इस बीच, स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि उन्होंने आरोप की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अगर मामले में कोई दोषी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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