
कनाडा में पनाह, ISI से दोस्ती और खौफनाक खेल... लखबीर सिंह 'लांडा' के मोस्ट वांटेड बनने की कहानी
AajTak
कनाडा में बैठकर हिंदुस्तान में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लांडा के पांच गुर्गों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि उनके पास से तीन पिस्तौलें जब्त की गई हैं.
कनाडा में बैठकर हिंदुस्तान में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लांडा के पांच गुर्गों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि उनके पास से तीन पिस्तौलें जब्त की गई हैं. डीजीपी ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा है, "संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है. जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने लखबीर उर्फ लांडा के 5 सहयोगियों को गिरफ्तार किया है."
डीजीपी ने बताया कि इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए लांडा गैंग के सदस्यों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है. यह गैंग पंजाब के कई जिलों में हत्या, जबरन वसूली और कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल है. पुलिस ने लांडा गैंग के 3 गुर्गों को 10 जून को और 5 गुर्गों को 30 जून को गिरफ्तार किया था. लखबीर सिंह लांडा खालिस्तानी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) का सक्रिय सदस्य है. पिछले साल इसको गृह मंत्रालय ने आतंकी घोषित कर दिया था.
गृह मंत्रालय की अधिसूचना में लिखा गया था, ''लखबीर सिंह उर्फ लांडा, जो वर्तमान में कनाडा के एडमोंटन, अल्बर्टा में रहता है, बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधित है. सीमा पार एजेंसी द्वारा समर्थित लांडा कंधे पर रखे जाने वाले रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड के माध्यम से आतंकवादी हमले में शामिल था.'' 34 साल के लांडा साल 2021 में मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट हमले की योजना बनाई थी. वो कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था.
लांडा खूंखार अपराधी से ऐसे बना मोस्ट वांटेड आतंकी
पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला लखबीर सिंह सबसे पहले एक गैंग के लिए काम करता था. वो उनके इशारे पर हथियारों को एक-जगह से दूसरे जगह पर ले जाने का काम करता था. चूंकि नया लकड़ा था, कोई हिस्ट्रीशीट नहीं थी, इसलिए पुलिस को भी उस पर शक नहीं होता था. लेकिन साल 2011 में पहली बार उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया. महज 12 वर्षों में लखबीर सिंह गैंगस्टर से आतंकी लखबीर सिंह लांडा बन चुका है.
उसके खिलाफ पंजाब के मोहाली और तरन तारन में रॉकेट हमलों की साजिश रचने के साथ ही करीब 20 से अधिक मामलों में केस दर्ज हैं. आरोप है कि उसने साल 2022 में मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के मुख्यालय और तरन तारन के सरहाली थाने पर रॉकेट से अटैक करवाया था. फिलहाल वो कनाडा के एडमोंटन के अल्बर्टा में बैठकर हिंदुस्तान विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. एक इशारे पर उसके गुर्गे पंजाब में आतंकी और आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










