
कचरा World Cup... 21 देशों के बीच हुआ कूड़ा उठाने का कॉम्पिटिशन, इस देश ने मारी बाजी
AajTak
जापान में हाल में एक अनोखी चैंपियनशिप हुई है जिसमें कुल 21 देशों ने हिस्सा लिया है. हैरानी की बात है कि ये कोई स्पोर्ट नहीं बल्कि कूड़ा उठाने का वर्ल्ड कप है. पहली बार हुई इस चैंपियनशिप में ब्रिटेन ने जीत दर्ज की है.
दुनियाभर में फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी से लेकर चेस तक कई टूर्नामेंट होते हैं. वहीं क्रिकेट समेत कई खेलों में वर्ल्ड कप चैंपियनशिप भी होती है. लेकिन क्या आपनी कभी कचरा उठाओ वर्ल्ड कप सुना है?
दरअसल, एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार इन दिनों जापान में SpoGomi World Cup हुआ है. इवेंट का नाम 'स्पोर्ट' और 'गोमी' शब्दों से मिलकर बना है, जो कचरे के लिए जापानी शब्द है. टूर्नामेंट के तहत 21 देशों की तीन टीमों ने एक घंटे के भीतर जितना संभव हो उतना कचरा उठाने के लिए टोक्यो की सड़कों पर कदम रखा.
इसमें ब्रिटेन ने 126.2 पाउंड कचरा इकट्ठा कर 9,046.1 प्वाइंट हासिल किए और पहला विजेता खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. ब्रिटेन की टीम की कप्तान सारा पैरी ने बुधवार को रॉयटर्स से ट्रॉफी लेने के बाद कहा, 'हमें अपने महासागरों को साफ करने और कूड़े को कम करने की कितनी जरूरत है, इसके बारे में बहुत कुछ पता नहीं है. हमें इसको लेकर जागरुक होना चाहिए.'
कुल मिलाकर, सभी टीमों ने 1,208 पाउंड कचरा उठाया और उन्हें किस प्रकार का कबाड़ मिला, उसके आधार पर ही उन्हें अंक दिए गए. इस ईवेंट में उन्हें किसी प्राइवेट प्रॉपर्टी से कचरा इकट्ठा करने की अनुमति नहीं थी. अपने प्रत्येक पिकअप सेशन के बाद, उन्हें कूड़े को अलग-अलग कैटेगरी में रखने के लिए 20 मिनट का समय मिला, जिसमें रिसाइकिल करने लायक प्लास्टिक की बोतलें, बर्नेबल वेस्ट, मेटल कैन, सिगरेट के टुकड़े और अन्य वेस्ट मैटेरियल शामिल थे.
इवेंट की घरेलू टीम इस बात से नाराज़ थी कि वे अपने ही ईवेंट में जीत हासिल नहीं कर सके. जापानी टीम के एक सदस्य टोमो ताकाहाशी ने द मेनिची को बताया, 'यह निराशाजनक है क्योंकि हम इस प्रतियोगिता को सबसे पहले जीतना चाहते थे. लेकिन मुझे उम्मीद है कि इसके बाद से दुनिया भर में और अधिक लोग पर्यावरण संबंधी मुद्दों में रुचि लेंगे'. साथ ही उन्होंने कहा कि 'जापान अभी भी हार मानने के लिए तैयार नहीं है. कचरे से जुड़ा दूसरा विश्व कप 2025 में टोक्यो में आयोजित किया जाएगा.'
इवेंट के संस्थापक केनिची ममित्सुका अपनी मॉर्निंग वॉक कूड़ा उठाते थे और उन्हें एहसास हुआ कि अपने लिए टारगेट करके वह इसे और अधिक मजेदार बना सकते हैं. उन्होंने एएफपी को बताया, 'यदि आप राष्ट्रीय स्पोगोमी संघ बनाते हैं, तो संभव है कि यह एक ओलंपिक कार्यक्रम बन सके.'

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.

Nikon Z5II review: एक कैमरा खरीदना चाहते हैं और अभी कैमरा यूज में प्रो नहीं हैं, तो आपको कम बजट वाला एक ऑप्शन चुनना चाहिए. ऐसे ही एक कैमरे को हमने पिछले दिनों इस्तेमाल किया है, जो शुरुआती बजट में आता है. इसका इस्तेमाल आप फोटो और वीडियो दोनों ही काम में कर सकते हैं. आइए जानते हैं Nikon Z5II की खास बातें.











