
ऑस्ट्रिया से भारत डिपोर्ट किया गया ये कुख्यात अपराधी, पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार
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पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हत्या करने और नशीले पदार्थों के कारोबार समेत कई जघन्य अपराधों में शामिल भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह को शुक्रवार के दिन ऑस्ट्रिया से भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया. इस काम के लिए पंजाब के डीजीपी ने SSP बटाला की तारीफ की है.
पंजाब में नशे के कारोबार और हत्या जैसे संगीन मामलों में शामिल कुख्यात बदमाश अमृतपाल सिंह को ऑस्ट्रिया से भारत डिपोर्ट कर दिया गया है. जैसे ही उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर लाया गया, तभी पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ सूबे में कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने इस मामले में बताया कि हत्या करने और नशीले पदार्थों के कारोबार समेत कई जघन्य अपराधों में शामिल भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह को शुक्रवार के दिन ऑस्ट्रिया से भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया. पंजाब में बटाला के भोमा गांव का रहने वाले अमृतपाल सिंह कई संगीन मामलों में वॉन्टेड था. पंजाब पुलिस ने उसे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ही हिरासत में लिया.
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में पंजाब पुलिस के अथक प्रयासों के बाद, अमृतपाल सिंह को कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपों का सामना करने के लिए ऑस्ट्रिया से भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है.'
शातिर अमृतपाल सिंह एक घोषित अपराधी (पीओ) है, जो ऑस्ट्रिया में अवैध रूप से रह रहा था. डीजीपी यादव ने कहा कि प्रत्यर्पित किया गया आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास, नशीले पदार्थों के अपराध और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन समेत कई जघन्य अपराधों में शामिल था. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में उनका निर्वासन एक महत्वपूर्ण कदम है.
डीजीपी ने भगोड़े अमृतपाल सिंह को कानून और अदालत का सामना करने के लिए भारत वापस लाने के लिए बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुहैल कासिम मीर और पंजाब पुलिस की आंतरिक सुरक्षा शाखा के साथ-साथ पुलिस की पूरी टीम के अथक प्रयासों की सराहना की.
बटाला के एसएसपी सुहैल कासिम मीर ने कहा कि अमृतपाल सिंह कई मामलों में घोषित अपराधी था. साल 2022 में दुबई और सर्बिया के रास्ते वो ऑस्ट्रिया भाग गया था और तब से वो गिरफ्तारी से बच रहा था. उन्होंने कहा कि बाद में उसने वहां राजनीतिक शरण के लिए भी आवेदन किया था.

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