
ऐसे ही नहीं Iran-India से मार खा रहा है Pakistan, देखिए 44 Active Terrorist संगठनों की लिस्ट
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पाकिस्तान में आतंकी संगठन दुनियाभर के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. वहां अभी भी 44 ऐसे आतंकी संगठन हैं, जो एक्टिव हैं और बड़े हमलों को अंजाम देने में संलिप्त पाए जा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में स्थित या उससे जुड़े करीब 150 आतंकवादी संगठनों या टेररिस्ट को ब्लैक लिस्ट में डाला है.
आतंकियों के हमदर्द पाकिस्तान की एक बार फिर दुनियाभर में किरकिरी हो रही है. अमेरिका, भारत के बाद अब ईरान ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की है. ईरान ने खुलकर स्वीकार किया है कि उसने पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डे पर कार्रवाई की है. इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया है. हालांकि, आतंकियों को पालने-पोसने के आरोप में पाकिस्तान में कई बार घिर चुका है. लेकिन, अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है.
पाकिस्तान में आतंकी संगठन दुनियाभर के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. वहां अभी भी 44 ऐसे आतंकी संगठन हैं, जो एक्टिव हैं और बड़े हमलों को अंजाम देने में संलिप्त पाए जा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में स्थित या उससे जुड़े करीब 150 आतंकवादी संगठनों या टेररिस्ट को ब्लैक लिस्ट में डाला है. सिक्योरिटी कांउसिल की अल कायदा प्रतिबंध कमेटी ने लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ अब्दुल रहमान मक्की को भी आतंकी घोषित कर दिया है.
'मक्की को आतंकवादी की सूची में डाला गया'
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 कमेटी और अल कायदा प्रतिबंध कमेटी ने जनवरी 2023 में 68 वर्षीय मक्की को आतंकवादियों की अपनी सूची में शामिल किया था. इस प्रतिबंध के बाद मक्की की संपत्ति जब्त कर ली गई थी और यात्रा प्रतिबंध और हथियार प्रतिबंध लगा दिया गया है.
'मक्की के लिए रुकावट बन गया था मक्की'
बता दें कि भारत और अमेरिका ने सात महीने पहले एक संयुक्त प्रस्ताव में JuD/LeT की पॉलिटिकल अफेयर विंग के हेड और लश्कर प्रमुख हाफिज सईद के साले अब्दुल रहमान मक्की को आतंकवादी घोषित करने की मांग की थी. इस प्रस्ताव पर चीन ने आपत्ति जता दी थी और रोक लगा दी गई थी. दरअसल, 1267 प्रतिबंध कमेटी के तहत टेररिस्ट और आतंकी संगठनों को सूचीबद्ध करने का निर्णय आम सहमति से किया जाता है. सुरक्षा परिषद की अल कायदा प्रतिबंध कमेटी में 15 सदस्य हैं. इनमें चीन का नाम भी शामिल है. वो इस कमेटी का स्थायी सदस्य है और वीटो पावर भी रखता है. चीन की रुकावट की वजह से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी.

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