
एलन मस्क ने उड़ाया Twitter का मजाक, कहा- अब उन्हें कोर्ट में BOT का करना होगा खुलासा
AajTak
Tesla CEO Elon Musk ने आठ जुलाई को ऐलान किया था कि अब वो Twitter डील से पीछे हट गए हैं. Elon Musk की तरफ से ट्विटर पर अग्रीमेंट तोड़ने का आरोप भी लगाया गया है. अब Twitter एल़ॉन मस्क पर मुकदमा करने की तैयारी में है.
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ट्विटर का मजाक उड़ाया है. मस्क ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक फोटो शेयर की है. इस तस्वीर में एलन मस्क की हंसते हुए दिख रहे हैं. फोटो में मस्क ने लिखा है कि पहले उन्होंने कहा कि मैं ट्विटर नहीं खरीद सकता. बाद में उन्होंने कहा कि वे BOT का खुलासा नहीं करेंगे. अब वे मुझे कोर्ट के जरिए ट्विटर खरीदने के लिए मजबूर करना चाहते हैं लेकिन अब उन्हें कोर्ट में BOT का खुलासा करना होगा.
बता दें कि एलन मस्क ने आठ जुलाई को ट्विटर खरीदने की डील को रद्द करने के फैसला लिया था. मस्क ने ट्विटर पर अपने फर्जी (Bot) अकाउंट्स की सही संख्या छिपाने और इस बारे में मांगी गई पूरी जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है और उन्होंने इसी आधार पर डील कैंसल करने का ऐलान किया है.
इसी बीच ट्विटर ने भी अब एलन मस्क के खिलाफ कानूनी लड़ाई का मूड बना लिया है. ट्विटर ने एलन मस्क के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए न्यूयॉर्क की सबसे बड़ी लीगल फर्म वैचेल, लिप्टन, रोजेन एंड कैट्ज एलएलपी को हायर किया है.
pic.twitter.com/JcLMee61wj
क्यों शुरू हुआ मतभेद?
13 अप्रैल को मस्क ने ट्विटर को खरीदने का ऐलान करके लोगों को चौंका दिया था. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 54.2 डॉलर प्रति शेयर के रेट से 44 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफर दिया. 13 अप्रैल की फाइलिंग में यह बात सामने आई. हालांकि, 13 मई को एलॉन मस्क ने ट्विटर डील को होल्ड पर डाल दिया. इसकी वजह स्पैम और फेक अकाउंट्स थे.

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.








