
एथलीट को रिवार्ड देगी दिल्ली पुलिस, JLN स्टेडियम में पंडाल में फंसे लोगों की थी मदद
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दिल्ली पुलिस JLN हादसे नया अपडेट साझा किया है. पुलिस ने बताया कि स्टेडियम में जब पंडाल टूट कर गिरा, उस वक्त पंडाल के आसपास एथलीट मौजूद थे. जिन्होंने पंडाल के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने में पुलिस की मदद की थी. एथलीट्स को अब उनके इस काम के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से रिवार्ड दिया जाएगा.
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शनिवार को गेट नंबर 2 के पास बनाए जा रहे लॉन हैंगर का एक हिस्सा टूटकर गिर गया. इस हादसे में आठ लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दिल्ली पुलिस ने अब इस हादसे से संबंधित जानकारी साझा की है और बताया कि स्टेडियम में जब पंडाल टूट कर गिरा, उस वक्त पंडाल के आसपास एथलीट मौजूद थे. जिन्होंने पंडाल के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने में पुलिस की मदद की थी. एथलीट्स को अब उनके इस काम के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से रिवार्ड दिया जाएगा. पुलिस के अनुसार, जवाहर लाल स्टेडियम में शनिवार को जब पंडाल गिरा उस वक्त आसपास कुछ एथलीट मौजूद थे, पंडाल गिरते ही एथलीट तुरंत बचाव में जुट गए थे. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन एथलीट ने पुलिस की बचाव कार्य में पूरी मदद की थी. पुलिस की तरफ से 14 लोगों को मदद करने के लिए रिवार्ड दिया जाएगा. पुलिस के मुताबिक सही वक्त पर बचाव हो जाने की वजह से लोगों को सही समय पर इलाज मिल सका था. हादसे में घायल हुए व्यक्ति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जेएलएन स्टेडियम की घटना में घायल हुए 18 मरीजों में से 11 मरीजों की इलाज के बाद छुट्टी कर दी गई है. 7 मरीज अभी भी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं. 4 मरीजों की ट्रॉमा सर्जरी, दो मरीज ऑर्थोपेडिक्स में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज की न्यूरोसर्जरी की गई है. सभी की हालत स्थिर बताई जा रही हैं.
हादसे के वक्त पंडाल में नहीं थे ज्यादातर श्रमिक वहीं, शनिवार को हादसे के बाद स्टेडियम के गार्ड ने आज तक से बातचीत में कहा, गनीमत रही की जब हादसा हुआ उस वक्त अधिकतर श्रमिक ब्रेकफास्ट करने गए थे. वरना यह हादसा बहुत बड़ा हो सकता था. कुछ लोग वहां से आ-जा रहे थे, वही लॉन हैंगर की चपेट में आ गए. मौके पर एंबुलेंस मौजूद हैं. फायर ब्रिगेड की टीम मलबे के बीच जांच कर रही है कि कहीं कोई इसके नीचे दबा न हो. हादसे के घायलों को सफदरजंग अस्पताल और दिल्ली एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं.

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