
एक साथ दो अलग-अलग जिलों में सरकारी नौकरी... 17 साल तक दोनों जगहों से ली एक साथ सैलरी, अब मिली सजा
AajTak
यूपी के बाराबंकी और प्रतापगढ़ में एक ही व्यक्ति द्वारा दो सरकारी विभागों में नौकरी करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोपी जयप्रकाश सिंह ने दोनों जगह नियुक्ति हासिल कर वर्षों तक सैलरी लिया. शिकायत और आरटीआई जांच के बाद मामला अदालत पहुंचा. लंबी सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने आरोपी को सात साल की सजा और 30 हजार रुपये जुर्माने के साथ वेतन वसूली का आदेश दिया.
एक ही व्यक्ति, एक मार्कशीट, दो जिले और दो सरकारी नौकरियां. जी हां, यूपी के बाराबंकी और प्रतापगढ़ जिलों से जुड़ा एक ऐसा ही मामला अब अदालत के फैसले के साथ सुर्खियों में है. यहां एक व्यक्ति ने दो अलग-अलग जिलों में सरकारी नौकरी हासिल की और वर्षों तक दोनों जगहों से सैलरी और भत्ते लेते रहा.
करीब डेढ़ दशक तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन अंततः सच सामने आ ही गया. सीजेएम सुधा सिंह ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. साथ ही सरकारी खजाने से लिए गए वेतन की वसूली का भी आदेश दिया गया है. मामला सतरिख थाना क्षेत्र के नरौली गांव निवासी जयप्रकाश सिंह से जुड़ा है. आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर दो अलग-अलग जिलों के दो सरकारी विभागों में नौकरी हासिल कर ली.
जांच में सामने आया कि जयप्रकाश सिंह की नियुक्ति जून 1993 में बाराबंकी जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक पद पर हुई थी. लेकिन इससे पहले ही वह प्रतापगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग में नॉन-मेडिकल असिस्टेंट के पद पर 26 दिसंबर 1979 को नियुक्त हो चुके थे. हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने दोनों विभागों में एक ही मार्कशीट और दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की और लंबे समय तक दोनों जगह कार्यरत भी रहे. यही नहीं, वेतन और अन्य भत्ते भी दोनों विभागों से लेते रहे.
17 साल तक चलता रहा ‘दोहरी नौकरी’ का खेल
सरकारी नियमों के अनुसार कोई भी कर्मचारी एक समय में केवल एक ही सरकारी पद पर कार्य कर सकता है. लेकिन जयप्रकाश सिंह के मामले में यह नियम पूरी तरह ध्वस्त होता दिखाई दिया. करीब 17 वर्षों तक वह प्रतापगढ़ और बाराबंकी दोनों जिलों में सरकारी कर्मचारी के रूप में दर्ज रहे. इस दौरान दोनों विभागों के रिकॉर्ड में उनका नाम मौजूद था और नियमित रूप से वेतन भी जारी होता रहा. यह सवाल भी उठता रहा कि आखिर इतने वर्षों तक यह मामला अधिकारियों की नजर से कैसे बचा रहा. लेकिन अंततः एक शिकायत ने इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश कर दिया.
आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.






