
एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा एमपॉक्स, WHO ने दो साल में दूसरी बार घोषित की पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी
AajTak
एमपॉक्स वायरस का एक वेरिएंट- क्लैड आईआईबी- 2022 में दुनियाभर में फैला था, मुख्य रूप से पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों के बीच यौन संपर्क के माध्यम से. तब WHO ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा की थी, जो करीब 10 महीने बाद खत्म हुई थी.
एमपॉक्स निकट संपर्क से फैल सकता है. आमतौर पर हल्का और दुर्लभ मामलों में यह घातक होता है. इससे फ्लू जैसे लक्षण और शरीर पर मवाद से भरे घाव हो जाते हैं. किसी बीमारी को 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कन्सर्न' (PHEIC), जो WHO का उच्चतम स्तर का अलर्ट है, के रूप में निर्धारित करने से उस बीमारी को रोकने के लिए रिसर्च, फंडिंग और अंतर्राष्ट्रीय उपायों और सहयोग में तेजी आ सकती है.
कांगो के पड़ोसी देशों में भी फैला एमपॉक्स
कांगो में प्रकोप की शुरुआत एक स्थानीय वेरिएंट से हुई जिसे क्लैड I के नाम से जाना जाता है. लेकिन एक नया वेरिएंट, क्लैड आईबी, यौन संपर्क सहित निकट संपर्क के माध्यम से 'अधिक आसानी से' फैलता नजर आ रहा है.
यह कांगो से बुरुंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा सहित पड़ोसी देशों में फैल गया है, जिसके कारण डब्ल्यूएचओ अब हरकत में आ गया है. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने कहा, 'स्पष्ट है कि इन प्रकोपों को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर कदम उठाने होंगे.'
2024 में अफ्रीका में मिले 17000 केस
इस हफ्ते की शुरुआत में, अफ्रीका की टॉप पब्लिक हेल्थ बॉडी ने चेतावनी के बाद एमपॉक्स को महाद्वीप के लिए इमरजेंसी घोषित कर दिया था. चेतावनी में कहा गया कि संक्रमण 'खतरनाक दर' से फैल रहा है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











