
एक के बाद एक घटनाएं दे रही हैं शराब माफिया और सरकार के गठजोड़ की गवाही: कांग्रेस
The Wire
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में बीते कुछ दिनों से ज़हरीली शराब पीने की वजह से दो अलग-अलग घटनाओं में 45 से अधिक लोगों की मौत होने का मामला सामने आया है. हालांकि कांग्रेस ने 100 से अधिक लोगों की मौत होने का दावा किया है. पुलिस ने शराब कांड के मुख्य आरोपी भाजपा सदस्य ऋषि शर्मा को गिरफ़्तार कर लिया है. गिरफ़्तारी के बाद उसे पार्टी से निकाल दिया गया है.
लखनऊ/अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने की वजह से 45 से अधिक लोगों की मौत को लेकर कांग्रेस ने राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है. यूपी के अलीगढ़ जिले में जहरीली शराब का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा अखबार की सुर्खियों के अनुसार सौ से अधिक मौते हो चुकी है। योगी जी @myogiadityanath आप के मंत्री @agnihotrirn को अब तक तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए @INCUttarPradesh कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में शराब माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि जहरीली शराब से मौतों की एक के बाद एक घटनाएं माफिया और सरकार के गठजोड़ की गवाही देती हैं. — Ashok Singh (@AshokSinghINC) June 6, 2021 प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने राजधानी लखनऊ में एक बयान में आरोप लगाया कि जहरीली शराब के निर्माताओं और विक्रेताओं के सिंडिकेट को व्यवस्था का पूरा संरक्षण स्पष्ट तौर पर साबित होता है. शराब माफिया के खिलाफ कभी ऐसी कार्रवाई नहीं होती जिससे उनके हौसले पस्त हों. उन्होंने कहा, ‘जहरीली शराब से मौतों की एक घटना के बाद दूसरी घटना होने में देर नहीं लगती. इसका मतलब है कि शराब माफियाओं को सत्ता का साथ मिला हुआ है. छोटी मछलियों या उनके इक्का-दुक्का लोगों पर कार्रवाई का नाटक किया जाता है. यही वजह है कि जहरीली शराब के सौदागर बेखौफ होकर फिर से अपना काम करते हैं. अगर ऐसा नहीं है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आबकारी विभाग के मंत्री से जवाब तलब क्यों नहीं करते.’
महाराष्ट्र में गिरफ़्तार किए गए रेप आरोपी स्वयंभू 'धर्मगुरु' मामले में विपक्ष ने उन नेताओं और मंत्रियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है, जिनका अशोक खरात से किसी भी प्रकार का संबंध है. विपक्ष का कहना है कि राजनीतिक नेताओं से साठ-गांठ के चलते संभावना है कि राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश करेगी.

योगी आदित्यनाथ की पहचान भारत के सबसे ज़्यादा आबादी वाले राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर इस वजह से विशेष रही कि उन्होंने एक अभियान चलाकर नफ़रती भाषण और नफ़रती अपराधों के सभी आरोपियों को बरी कर दिया- और इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ने ख़ुद से ही की. वे देश के सबसे ज़्यादा ध्रुवीकरण करने वाले, लेकिन साथ ही बेहद लोकप्रिय कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी नेताओं में से एक हैं.

महाराष्ट्र के एक स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात को पुलिस ने नासिक से गिरफ़्तार किया है. उन पर एक 35 वर्षीय महिला के साथ तीन साल तक बार-बार रेप करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप है. हाल ही में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा उनके पैर धोने का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उनका विरोध तेज़ हो गया था.

एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से उड़ानों में कम से कम 60% सीटों के चयन के लिए कोई शुल्क न लेने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है. समूह का कहना है कि इस कदम से एयलाइंस को हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.



