
एंटीलिया केसः सचिन वाज़े ने खुद खरीदी थीं जिलेटिन की छड़ें, वसूली करता था बर्खास्त सिपाही शिंदे
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महाराष्ट्र एटीएस के एक अफसर के मुताबिक जांच के शुरुआती दिनों में ही उन्हें स्कॉर्पियो का सच पता चल चुका था. उसी स्कॉर्पियो का जिसमें जिलेटिन की छड़ें रखकर एंटीलिया के बाहर पार्क की गई थी. एटीएस के इस अफसर की मानें तो उनके पास इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि ये स्कॉर्पियो 19-21 फरवरी के बीच मुंबई पुलिस मुख्यालय में खड़ी थी.
मुंबई के एंटीलिया केस की जांच के शुरुआती दिनों में अगर मुंबई के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह महाराष्ट्र एटीएस की बात मान लेते तो शायद एनआईए को जांच के लिए बीच में कूदना ही नहीं पड़ता. महाराष्ट्र एटीएस ही एंटीलिया केस को सुलझा लेती और इससे मुंबई पुलिस की भद्द भी नहीं पिटती. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. महाराष्ट्र एटीएस के एक अफसर के मुताबिक जांच के शुरुआती दिनों में ही उन्हें स्कॉर्पियो का सच पता चल चुका था. उसी स्कॉर्पियो का जिसमें जिलेटिन की छड़ें रखकर एंटीलिया के बाहर पार्क की गई थी. एटीएस के इस अफसर की मानें तो उनके पास इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि ये स्कॉर्पियो 19-21 फरवरी के बीच मुंबई पुलिस मुख्यालय में खड़ी थी. इसी मुंबई पुलिस मुख्यालय में क्राइम ब्रांच सीआईयू का दफ्तर है. जिसमें सचिन वाज़े बैठते हैं.
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