
उस बर्फीली गुफा की कहानी... जहां कैद है ताजमहल का 'डिजिटल क्लोन'!
AajTak
चारों ओर बर्फ का रेगिस्तान, शून्य से नीचे का तापमान और एक ऐसी तिजोरी जिसे दुनिया का अंत भी नहीं तोड़ सकता. ये उत्तरी ध्रुव की वो रहस्यमयी गुफा है जिसमें प्रलय आने के बाद भी दुनिया को जिंदा रखने के बीज मौजूद हैं. यहां सिर्फ अनाज के बीज ही नहीं, बल्कि भारत का ताजमहल और संविधान भी डिजिटल रूप में कैद कर दिए गए हैं. आखिर क्यों इसे मानव इतिहास की सबसे बड़ी पहल बताया जाता है?
नॉर्थ पोल... जहां दुनिया की इंसानी बस्तियां खत्म हो जाती है, अंतहीन बर्फ का साम्राज्य शुरू होता है, वहां स्थित है नॉर्वे का 'लॉन्गइयरबायेन' आईलैंड. यहां पहुंचना किसी मिशन से कम नहीं. हाड़ कंपा देने वाली सर्द हवाएं, पोलर बियर का डर और साल के कई महीने रहने वाला अंधेरा. इसी सुदूर टापू पर एक उजाड़ पहाड़ के भीतर बना है दुनिया का सबसे 'सेफ हाउस'. लेकिन ये किसी इंसान को रखने के लिए नहीं है बल्कि ये इंसानी सभ्यता को सुरक्षित रखने के एक खास मिशन से जुड़ा है.
ये वही जगह है जिसे 'प्रलय की तिजोरी' यानी डूम्स डे वॉल्ट कहा जाता है. जहां मानवता ने अपना भविष्य एक बर्फीली गुफा में कैद कर रखा है. शुरुआत में इसे केवल 'ग्लोबल सीड वॉल्ट' के रूप में जाना जाता था, जहां दुनिया भर की फसलों के करोड़ों बीजों को सहेजा गया ताकि किसी वैश्विक आपदा यानी प्रलय जैसे हालात के बाद खेती दोबारा शुरू हो सके. लेकिन अब, इसी पहाड़ के सीने में एक और गहरी सुरंग खोदी गई है. जहां सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि पूरी डिजिटल सभ्यता का 'बैकअप' जमा किया जा रहा है.
इस मिशन को 'आर्कटिक वर्ल्ड आर्काइव' यानी AWA नाम दिया गया है. यहां डेटा को बचाने का तरीका किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा है. मस्क और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों के कोड्स भी यहां अमर होने के लिए भेज दिया गए हैं. GitHub ने दुनिया भर के ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का डेटा वहां जमा कराया है. दुनिया की हर बड़ी तकनीक जिन कोड्स एंड्रॉयड और लिनक्स पर चलती हैं, उनकी एक कॉपी भी यहां सुरक्षित है. इसके पीछे सोच ये है कि अगर कल को पृथ्वी पर कोई डिजिटल ब्लैकआउट या इंटरनेट क्रैश होता है, तो तकनीक को दोबारा खड़ा करने का 'सोर्स कोड' मौजूद रहे.
इस बर्फीली तिजोरी में भारत की मौजूदगी भी बेहद गौरवशाली और रणनीतिक है. भारत ने यहां अपनी 'सांस्कृतिक आत्मा' को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया है. ताजमहल का पूरा डिजिटल ब्लूप्रिंट मतलब 3D लेजर स्कैन यहां कैद है, ताकि सैकड़ों साल बाद भी इसके एक-एक पत्थर की नक्काशी को मिलीमीटर की सटीकता से समझा जा सके. इसके साथ ही, भारत के संविधान की डिजिटल कॉपी, प्राचीन पांडुलिपियों का भंडार और इसरो के सफल अभियानों का डेटा भी यहां माइनस 18 डिग्री तापमान में सुरक्षित है.
भारत के बीजों की अगर बात करें तो डूम्स डे वॉल्ट में हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्थान ICRISAT और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के माध्यम से इस वॉल्ट में करीब 1,10,000 से अधिक बीजों के नमूने जमा किए हैं. इसमें विशेष रूप से भारत के 'मिलेट्स' यानी श्रीअन्न जैसे ज्वार, बाजरा, रागी और कंगनी की हजारों किस्में शामिल हैं, जो सूखे और भीषण गर्मी में भी उगने की क्षमता रखती हैं. इनके अलावा अरहर, मूंग, उड़द और चना जैसी दालों के साथ-साथ धान की भी कई दुर्लभ किस्मों को वहां सदियों के लिए सुरक्षित कर दिया गया है. भारत की ओर से भेजे गए इन डिब्बों पर 'ब्लैक बॉक्स' की मोहर होती है, जिसका मतलब है कि भारत की अनुमति के बिना दुनिया की कोई भी ताकत इन बीजों को हाथ नहीं लगा सकती.

बिहार समेत 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हुए चुनाव में कई दिलचस्प नतीजे सामने आए. बिहार, ओडिशा और हरियाणा को छोड़कर अन्य सात राज्यों में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. वहीं, बिहार की सभी पांच सीटें एनडीए ने जीतीं, जबकि ओडिशा में बीजद और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा को दो सीटें मिलीं. हरियाणा में मतपत्र की गोपनीयता को लेकर विवाद के कारण मतगणना करीब 5 घंटे तक रुकी रही.

दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है, खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप में कई घरों में खाना बनना बंद हो गया है. पहले 900 रुपये का सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में 4,000 रुपये तक बिक रहा है, जबकि खुले में बिकने वाली गैस 400 रुपये प्रति किलो मिल रही है. कई लोग लकड़ी से खाना बना रहे हैं और गैस एजेंसियों की ओर से मदद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं.

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.







